पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय में फुले, बिरसा, डॉ. अंबेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह समिति के तत्वाधान में गत ११ अप्रैल से जारी तीन दिवसीय महात्मा फुले एवं डॉ. अंबेडकर संयुक्त जयंती समारोह कार्यक्रम का १४ अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाकर एवं विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के साथ समापन किया गया। इस ३ दिवसीय महात्मा फुले एवं डॉ. अंबेडकर संयुक्त जयंती समोराह के अवसर पर ११ अप्रैल को महात्मा फुले की जयंती मनाई गई, १३ अप्रैल को रात में बस स्टैण्ड स्थित संविधान निर्माण डॉ. प्रतिमा स्थल में ‘एक शाम फुले-भीम के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें भीम गीत, कैसेट डांस, नाटक सहित अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम संपन्न हुए एवं रात १२ बजे केक काटकर डॉ. बाबा साहब का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वहीं १४ अप्रैल को फुले, बिरसा, डॉ. अंबेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह समिति के पदाधिकारी एवं फुले व अंबेडकर अनुयायी बस स्टैण्ड स्थित संविधान निर्माता डॉ. बाबा साहब के प्रतिमा स्थल में उपस्थित हुए जहां उपस्थितजनों ने डॉ. बाबा साहब के प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर उनकी जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाये। तत्पश्चात त्रि-शरण का पाठ किया एवं महात्मा फुले, बाबा साहब के बताये मार्ग पर चलने का सभी ने संकल्प लिया तत्पश्चात मोटरसाइकिल रैली निकाली गई और यह रैली ग्राम मानपुर, बकोड़ा, अमोली, पांढरवानी, पनबिहरी का भ्रमण करते हुए कार्यक्रम स्थल बस स्टैण्ड पहुंचेगी। जिसके बाद पैदल रैली निकाली गई और हाई स्कूल मार्ग पर स्थित क्रांतिवीर, समाजसुधारक महात्मा ज्योतिबाराव फुले, बिरसा मुंडा एवं शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया और सभी को समाजसुधारक महात्मा ज्योतिबाराव फुले, बिरसा मुंडा, डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं शिवाजी महाराज के जीवनगाथाओं एवं देशहित मेंं किये गये कार्योंके बारे में बताते हुए उनके बताये मार्ग पर चलने पे्रेरित किया गया।
बस स्टैण्ड से निकली पैदल रैली, महात्मा फुले प्रतिमा चौक में हुआ मंचीय कार्यक्रम
डॉ. बाबा साहब की जयंती के अवसर पर बस स्टैण्ड से डीजे की धुन पर भव्य पैदल रैली निकाली गई। यह रैली बस स्टैण्ड से हाई स्कूल मार्ग होते हुए महात्मा फुले प्रतिमा स्थल चौक स्थित मंचीय कार्यक्रम स्थल पहुंची। जिसके बाद भोजनदान एवं मंचीय कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। इस पैदल रैली में फुले एवं अंबेडकर अनुयायियों के द्वारा जमकर नृत्य भी किये एवं नारे लगाये। यह मंचीय कार्यक्रम फुले, बिरसा, डॉ. अंबेडकर सार्वजनिक जयंती समारोह समिति के पदाधिकारी, जीएसटी कमिश्नर लोकेश लिल्हारे, पांढरवानी सरपंच अनीस खान सहित अन्य पदाधिकारियों के प्रमुख आतिथ्य में प्रारंभ हुआ। जिसमें सर्वप्रथम उपस्थितजनों ने राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबाराव फुले, शहीद बिरसा मुंडा, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर सहित अन्य महापुरूषों के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रल्वलित कर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये गये जिनके प्रतिभागियों एवं कक्षा १० वीं, १२ वीं में वर्ष २०२४-२५ में ७५ प्रतिशत से अधिक अंक लेकर उत्तीर्ण हुए प्रतिभावान छात्र-छात्राओं का समिति के द्वारा सम्मान किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने राष्ट्रपिता महात्मा ज्योतिबा फुले एवं बाबा साहब के जीवनगाथाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महात्मा ज्योतिबाराव फुले ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने एवं शिक्षा के क्षेत्र में एक अलख जगाकर लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने का काम किया है जो एक सराहनीय पहल है। जिसके माध्यम से आज हर कोई शिक्षा अध्ययन कर आगे बढ़ रहा है और बाबा साहब ने भारत में आजादी के बाद २६ जनवरी १९५० को देश का संविधान लिखकर पिछड़े एसटी, एससी, ओबीसी एवं सभी वर्गों को अधिकार दिलवाया, देश की सुरक्षा की, भाईचारा स्थापित किया ऐसे महामानव की जयंती आज लालबर्रा में ही नहीं बल्कि विश्व के कोने-कोने में मनाई जा रही है। साथ ही यह भी कहा कि डॉ. बाबा साहब के द्वारा बनाये गये संविधान बहुत अच्छा है। हम सभी को उसका पालन करते हुए समाजोत्थान एवं देशहित में काम करना चाहिए और बच्चों को अ’छी शिक्षा प्रदान करने की बात कही गई। वहीं मंचीय कार्यक्रम संपन्न होने के बाद मुम्बई का सुरज आतिश के कव्वाली का आयोजन भी किया गया।










































