नई दिल्ली: ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही बंद है। इसके चलते फर्टिलाइजर लेकर भारत आ रहे 17 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हैं। सरकार अब इसे भारत लाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार कर रही है। इसे पहले सड़क मार्ग से सऊदी अरब के यानबू बंदरगाह पर पहुंचाया जाएगा और फिर वहां से जहाजों में भरकर भारत लाया जाएगा। फारस की खाड़ी में मौजूद बंदरगाहों से यानबू पोर्ट करीब 1,200 किमी दूर है।
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक फर्टिलाइजर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने मंत्रियों के इनफॉर्मल ग्रुप को बताया कि वे इस विकल्प पर विचार कर रहे हैं। हालांकि यह सड़क और रेड सी का यह रास्ता काफी लंबा है। एक अधिकारी ने कहा, ‘यह लंबा रास्ता है और जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट की तुलना में ज्यादा दिन लगते हैं। लेकिन ऐसा लगता है कि और कोई चारा नहीं है क्योंकि स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। 60-70 दिन की देरी के कारण हायर कॉस्ट चिंता का विषय है और जून के मध्य में खरीफ फसलों के लिए फर्टिलाइजर की डिमांड चरम पर होगी।’










































