“33% महिला आरक्षण समय की मांग”, पीएम मोदी बोले- दलगत राजनीति से ऊपर उठकर समर्थन दें

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80वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से सभी राजनीतिक दलों से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित करने और नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समर्थन देने की अपील की।80वें स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए एक बड़ा और महत्वपूर्ण आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने देश के सभी राजनीतिक दलों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व यानी महिला आरक्षण जल्द से जल्द सुनिश्चित करने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत की नीतियों और भविष्य को गढ़ने में देश की महिलाओं का नेतृत्व और भागीदारी बेहद अनिवार्य है।

“40 वर्षों से राजनीति का शिकार हुआ महिलाओं का सपना”

लाल किले की प्राचीर से तिरंगे के साये में बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं ने अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की है। पीएम मोदी ने कहा कि आज हमारी पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में हमारी महिला जनप्रतिनिधि बहुत बड़ी संख्या में देश का मार्गदर्शन कर रही हैं, स्थानीय चुनौतियों का समाधान कर रही हैं और एक सक्षम नेतृत्व दे रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पारित किया था। लेकिन पिछले 40 वर्षों में किसी न किसी कारण से, यह सपना राजनीतिक दांव-पेंच और लड़ाई के मैदान का शिकार होता रहा है।

प्रधानमंत्री ने आगे अपील करते हुए कहा कि आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से विनम्र अपील और आग्रह करता हूं, आगे आइए और हमारी नारियों के सामर्थ्य और शक्ति का सम्मान कीजिए। जल्द से जल्द हमारी माताओं-बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में 33% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें, ताकि वे भारत की नीतियों को नया आकार देने में अपना सक्रिय योगदान दे सकें।वैश्विक चुनौतियों के बावजूद ‘सिटिजन-फर्स्ट’ अप्रोच

भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने बीते वर्षों में देश के सामने आई बड़ी चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से बाहर निकलते ही रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू हो गए, जिससे वैश्विक स्तर पर तनाव का माहौल बन गया।

पीएम मोदी ने कहा कि इन तमाम अंतरराष्ट्रीय संकटों और अनिश्चितताओं के बावजूद भारत सरकार के ‘नागरिक प्रथम’ के दृष्टिकोण ने देश को सुरक्षित निकाला और आगे बढ़ाया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम और आगे की राह

उल्लेखनीय है कि संसद के दोनों सदनों द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य देश की विधायिका में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देना और परिसीमन प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच से इस कानून को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए सभी दलों से एक साथ आने की पुरजोर वकालत की है।

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