Piyush Mishra Video: एक्टर पीयूष मिश्रा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह पर सवाल उठाते नजर आ रहे हैं। पीयूष मिश्रा का ये क्लिप वायरल हो रहा है।Piyush Mishra Video: दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह (Naseeruddin Shah) और पीयूष मिश्रा (Piyush Mishra) के बीच जुबानी जंग एक बार फिर सुर्खियों में है। मुंबई में सीजेपी (CJP) के विरोध प्रदर्शन में नसीरुद्दीन शाह की मौजूदगी के बाद पीयूष मिश्रा ने एक वीडियो के जरिए उन पर सवाल उठाए हैं। पीयूष मिश्रा ने पूछा कि आखिर कुछ मुद्दों पर नसीरुद्दीन शाह की आवाज क्यों नहीं सुनाई दी। पीयूष ने खास तौर पर भारतीय पायलट स्मित मच्छार की बहादुरी का जिक्र किया और सवाल किया कि उन्होंने इस मामले पर कोई बात क्यों नहीं की। आइए पूरी बात जानते है इस रिपोर्ट मेंदरअसल, नसीरुद्दीन शाह मुंबई के शिवाजी पार्क में हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। उनके साथ म्यूजिशियन विशाल ददलानी समेत कई बड़ी हस्तियां भी मौजूद थीं। यह प्रदर्शन वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर चल रहे बड़े अभियान का हिस्सा था। नसीरुद्दीन शाह के प्रदर्शन में शामिल होने की खबर सामने आने के बाद पीयूष मिश्रा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें उन्होंने नसीरुद्दीन शाह को अपना पुराना परिचित बताते हुए उनसे कई सवाल पूछे। पीयूष मिश्रा ने खास तौर पर भारतीय पायलट स्मित मच्छार का जिक्र किया।
पीयूष मिश्रा ने नसीरुद्दीन शाह से अपील की कि उन्हें स्मित मच्छार की बहादुरी को पहचानना चाहिए और उनकी तारीफ करनी चाहिए। उन्होंने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुए हालिया विवाद का भी जिक्र किया। सितंबर के आखिर में एक छात्रा से जुड़े आरोपों को लेकर यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन शुरू हुआ था। बाद में मामला हिंसा, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई तक पहुंच गया। पंजाब पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किए हैं और जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम भी बनाई गई है। पीयूष मिश्रा ने सवाल किया कि नसीरुद्दीन शाह ने LPU के छात्रों और वहां की स्थिति को लेकर कोई बयान क्यों नहीं दिया। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह की उस पुरानी बात का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने युवाओं से सीखने की बात कही थी। इसी बात को लेकर पीयूष ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या अब ये छात्र ‘एक्टिंग टीचर’ बन गए हैं। पीयूष मिश्रा ने झारखंड में हुए एक पुराने छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस मामले में उन्होंने नसीरुद्दीन शाह से मदद मांगी थी, लेकिन बदले में उन्हें एक पाकिस्तानी कवि की कविता मिली थी। पीयूष ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को उस समय कविता नहीं, बल्कि व्यावहारिक मदद की जरूरत थी। उन्होंने आटा, दाल, ब्रेड, गुड़, लिट्टी और चोखा जैसी रोजमर्रा की चीजों का उदाहरण देकर अपनी बात रखी।
पीयूष मिश्रा ने कही ये बात
सामने आए वीडियो के आखिर में पीयूष मिश्रा ने कहा कि वह नसीरुद्दीन शाह की बातों पर आगे भी अपनी प्रतिक्रिया देते रहेंगे। उन्होंने उन्हें ‘नसीर साहब’ कहकर संबोधित किया और कहा कि वह उनके साथ अपने पुराने रिश्ते का सम्मान करते हैं, लेकिन जिन मुद्दों को उन्होंने उठाया है, उन पर नसीरुद्दीन शाह को भी जवाब देना चाहिए। वीडियो का अंत उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे के साथ किया।







































