आंगनबाड़ी की शिक्षा से वंचित कालागोटा के नौनीहाल

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वारासिवनी(पद्मेश न्यूज)। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत मंगेझरी के कालागोटा के नौनिहाल आंगनवाड़ी की शिक्षा से वंचित नजर आ रहे हैं। इसका मूलभूत कारण उनके ग्राम में आंगनबाड़ी ना होना है जहां पर बीते कुछ वर्षों से आंगनबाड़ी का निर्माण किया जा रहा है परंतु वर्तमान तक वह अधूरा पड़ा हुआ है। वर्तमान में उन्हें आंगनबाड़ी के लिए करीब १.५ किलोमीटर दूर जयराम टोला जाना होता है। रास्ते में नहर और जंगल होने के कारण ग्रामीणजन अपने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजने में असमर्थ नजर आ रहे हैं। हालांकि बच्चों के नाम आंगनवाड़ी में दर्ज तो है परंतु वह महीने में दो ही बार किसी कार्य से आंगनबाड़ी जाते हैं । वहीं कुछ नौनिहाल ऐसे भी है जिनकी ३ वर्ष की उम्र होने पर परिवार के द्वारा स्कूल में दाखिला करवा दिया गया है। कालागोटा के ग्रामीणों के द्वारा शासन प्रशासन से उनके ग्राम में बन रही आंगनबाड़ी का कार्य जल्द पूर्ण करने की मांग की जा रही है ताकि सभी बच्चे आंगनबाड़ी की शिक्षा का लाभ ले सके।

२ वर्ष से आंगनबाड़ी का कार्य बंद पड़ा हुआ है

ग्राम कालागोटा में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किया जाता था जो किराए के मकान में संचालित होता था। जिसे विभाग के द्वारा जयराम टोला स्थानांतरित करवा दिया गया वहीं कालागोटा में भी एक आंगनवाड़ी भवन को स्वीकृति दी गई थी। जिसका निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया परंतु स्लैप डालने के बाद २ साल हो गया है आंगनबाड़ी का काम बंद पड़ा हुआ है। जहां दरवाजे खिडक़ी प्लास्टर जैसे विभिन्न कार्य अधूरे हैं जहां पर करीब आधा सैकड़ा परिवार निवास करते हैं। जिनके नौनिहाल के लिए जयराम टोला में आंगनबाड़ी केंद्र लगाया जाता है। इस दौरान कालागोटा से जयराम टोला की दूरी करीब १.५ किलोमीटर है। रास्ते में नहर और घना जंगल होने के कारण नौनिहाल अकेले आना जाना नहीं कर पाते हैं। वहीं परिवार के लोग भी प्रतिदिन बच्चों को लाने ले जाने में असमर्थ है क्योंकि सभी मजदूर वर्ग के लोग रहते हैं। जिनके द्वारा महीने में एक से दो बार अपनी मजदूरी छोडक़र गर्भवती महिला या बच्चे को आंगनबाड़ी लाना ले जाना करते हैं। हालांकि ग्राम के कई बच्चे आंगनवाड़ी में दर्ज है परंतु प्रतिदिन उन्हें आंगनबाड़ी शिक्षा जो प्राप्त होनी चाहिए उससे वह वंचित हो रहे हैं। तो वहीं कुछ बच्चों के द्वारा ३ वर्ष की उम्र होने पर उनके माता पिता ने उनका दाखिला स्कूलों में करवा दिया है क्योंकि उनके ग्राम में आंगनबाड़ी नहीं है। शासन स्तर से जो आंगनवाड़ी का निर्माण होना था वह अधूरा पड़ा हुआ है जिसे पूर्ण करने में शासन के द्वारा रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इस परिस्थिति में ग्रामीणों के अंदर आंगनवाड़ी संचालन और अधूरे कार्य को लेकर आक्रोश व्याप्त है। जिनके द्वारा अनेकों बार पंचायत में सरपंच और महिला बाल विकास के अधिकारियों से मांग की गई है। परंतु वर्तमान तक कोई निराकरण किसी के द्वारा नहीं निकाला गया स्थिति यथावत बनी हुई है।

ग्राम के बच्चों को आगंनबाडी का नही मिल रहा लाभ-योगेश्वरी उइके

ग्रामीण योगेश्वरी उइके ने बताया कि हमारे घर के सामने ही आंगनबाड़ी केंद्र बन रहा है २ वर्ष से इसका काम बंद पड़ा हुआ है। अब इसके पैसे किसी ने खाया है या मिला नहीं है इसकी तो हमें जानकारी नहीं है, परंतु अभी कोई काम नहीं हुआ है स्लैप डाले थे उसके बाद से काम रुका हुआ है। हमारे बच्चे घर में ही रहते हैं आंगनबाड़ी बहुत दूर है जहां आने जाने में बच्चे असमर्थ है वह घर में ही रहते हैं। जयराम टोला महीने में एक दो बार जाते हैं या वहीं से कभी मैडम लोग घर आ जाते हैं यह आंगनबाड़ी जो घर के सामने बन रही है वह बन जाए तो गांव के सभी बच्चों को सुविधा होगी। आंगनबाड़ी दूर होने से बच्चों की उम्र ३ वर्ष होने पर उसे माता पिता स्कूल ही भेज रहे हैं मैंने भी अपने बच्चों का दाखिला स्कूल में कर दिया है आंगनबाड़ी की जगह लोग अपने बच्चों को सीधे स्कूल ही भेज रहे हैं।

ग्राम के नौनीहाल ६ साल से वंचित है आंगनबाडी की शिक्षा से-सुनील मडावी

ग्रामीण सुनील मडावी ने बताया कि कालागोटा वार्ड नंबर ४ का मंै रहने वाला हूं हमारे यहां पहले घर में किराए के कमरे से आंगनबाड़ी लगती थी जिसे उठाकर जयराम टोला लेजा लिया गया है। यहां के बच्चे अभी आंगनबाड़ी नहीं जा रहे हैं वह घरों में ही रहते हैं टीका लगवाना है या कोई जरूरी काम है तो हम लोग अपनी मेहनत मजदूरी छोडक़र उन्हें साथ में लेकर जाते हैं वापस लेकर आते हैं। यहां पर आंगनबाड़ी स्वीकृत है परंतु क्या मामला है पता नहीं अभी तक वह पूरी बनी नहीं है अधूरा काम पड़ा हुआ है। यहां से जयराम टोला की दूरी करीब १.५ किलोमीटर है अभी गर्मी का समय चल रहा है इसमें हम उन्हें भेज नहीं सकते हैं क्योंकि आना जाना पीड़ा दायक होता है। वहीं बरसात में बहुत ज्यादा दिक्कत हो जाती है रास्ते में नहर और जंगल का मार्ग है कीचड़ से सना होता है। यदि इन्हें ले जाना भी हो तो एक व्यक्ति को साथ में पूरा समय देना पड़ता है। ६ साल हो गया है ऐसा ही चल रहा है जो अधूरा कार्य है वह जल्द पूरा किया जाए।

आंगनबाडी का पूर्ण निर्माण कार्य करने का प्रयास किया जा रहा है-लोकचंद रोडगे

सरपंच लोकचंद रोडगे ने बताया कि अधूरी आंगनबाड़ी का पूर्ण निर्माण करने के लिए हमारे द्वारा प्रयास किया गया है। दो से तीन दिन में यदि भुगतान डाल जाता है तो कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा यह पूर्व सरपंच के समय के आंगनबाड़ी है। इसके लिए हमने चर्चा भी किया है उस समय यह आंगनबाड़ी मॉडल एस्टीमेट के तहत पंचायत विभाग में जब जुलानिया थे उस समय दी गई थी। जिसका फं ड बंद होने से यह अधूरा पड़ा हुआ है जिसमें शासन ने एक आदेश दिया था कि १५ वित्त के माध्यम से कार्य पूर्ण करवायें। परंतु १५ वित के अंतर्गत कार्य योजना के कार्य आते हैं यह कार्य योजना नहीं थी। इसलिए इसे जोडऩे में समय लगा अब शासन जैसे भुगतान देगा वैसे इसका कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।

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