हर्ष राईस मिल टेकाड़ी की जाँच के लिए पहुची एनजीटी की 2 सदस्यों की टीम

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पदमेश न्यूज़, बालाघाट। मंगलवार को एनजीटी की बेंच के आदेश के बाद दो सदस्यीय टीम ने टेकाड़ी में संचालित हर्ष राइस इंड्रस्टीज में पहुंचकर मौके पर सीमांकन व अन्य शिकायतों की जांच कर पंचनामा तैयार किया है।जिस राईस मिल में पर्यावरण से संबंधित जांच की गई है यह मिल भाजपा पूर्व मंत्री एवं वर्तमान जिला अध्यक्ष राम किशोर (नानू) काँवरे के बड़े भाई कुमार कावरे औऱ विनोद शर्मा की बताई गई है। अधिकारियों द्वारा तैयार किया गया पंचनामा एनजीटी कोर्ट में प्रस्तुत किया जाएगा जिसपर आगामी समय में सुनवाई होगी

अतिक्रमण और अवैध उत्खनन सहित अन्य बिंदुओं पर की गई जांच
प्राप्त जानकारी के अनुसार हर्ष राइज इंड्रस्टीज के निर्माण के दौरान जंगल की शासकीय जमीन से मिट्टी खोदकर भरन करने, उत्खनन के दौरान हरे भरे पेड़ों को काटने, राइस मिल निर्माण के बाद शासकीय नाला जो कि राइस मिल के पीछे के तरफ है उसपर अतिक्रमण करने, मिल से निकलने वाला भूसा नाला में मिलने से पानी प्रदूषित होने से मानव जीवन के साथ ही वन्यप्राणियों को नुकसान पहुंचने,औऱ इंड्रस्टीज चारों तरफ से खुली होने से नुकसान होने की शिकायत याचिकाकर्ता के द्वारा एनजीटी भोपाल से की गई थी। याचिकाकर्ता की शिकायत पर एनजीटी ने मामले की जांच करने के लिए कलेक्टर बालाघाट व मध्यप्रदेश प्रदूषण बाेर्ड जबलपुर के क्षेत्रीय अधिकारी केपी सोनी इस तरह दो सदस्यीय टीम को नियुक्त किया है। जिसने मौके पर पहुंचकर विभिन्न बिंदुओं की जांच कर पंचनामा तैयार किया है। बताया गया कि जल्द ही यह रिपोर्ट एनजीटी न्यायालय को सौंपी जाएगी।

जांच मिले तथ्य, किया गया है, अवैध उत्खनन

जांच के दौरान जांच टीम को ये तथ्य मिले है कि राइस मिल के निर्माण के दौरान भरन के लिए खसरा नंबर 294 से मिट्टी का खनन किया गया है इसके गड्ढेनुमा निशान टीम को उक्त स्थान पर मिले है, साथ ही नाला के तरफ मिल से निकलने वाला भूसा भी मिला है, लेकिन टीम को मौके पर पेड़ या ठुंठ के कोई निशान नहीं मिले है, इसके अलावा मौके पर ही नाला का सीमांकन किया गया है, नाला पर किसी प्रकार अतिक्रमण टीम को नहीं मिला, लेकिन मौके पर राइस मिल चारों तरफ से खुली मिली है जिससे प्रदूषण सहित अन्य समस्याओ के बढ़ने की उम्मीद है। इस पर टीम ने पंचनामा मौके पर बनाया है, और दोनों ही पक्षों के हस्ताक्षर लिए गए है।

पंचनामा बनाकर, तैयार की गई रिपोर्ट

जानकारी के अनुसार एनजीटी के निर्देश पर गठित टीम ने मंगलवार को मौके पर पहुंचकर शिकायत के अनुसार वर्तमान स्थिति की जांच कर पंचनामा तैयार किया। जांच के दौरान शिकायत के उन सभी बिंदुओं की वर्तमान स्थिति के अनुसार जांच की गई। स्थलों का जायाजा लिया गया। मिल के किनारे से प्रवाहित नदी के किनारे में सभी की उपस्थिति में सीमांकन कर पंचनामा तैयार किया गया। नदी के पास ही अधिकारियों को भूसे के निशान मिले हैं। इस दौरान शिकायतकर्ता और मिल संचालक दोनों मौजूद रहे। इस पंचनामा के बाद जांच रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को रिपोर्ट पेश की जाएगी। जिसके आधार पर एनजीटी आगे की कार्यवाही करेगा।

28 फरवरी को होनी है अगली सुनवाई

बताया गया कि एनजीटी ने याचिका के आधार पर जांच के लिए टीम का गठन करने के निर्देश 13 जनवरी को जारी किए थे। जांच में कलेक्टर बालाघाट और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी को शामिल किया गया था। एनजीटी के निर्देश के आधार पर मंगलवार को कलेक्टर प्रतिनिधि के रुप में बालाघाट एसडीएम गोपाल सोनी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से केपी सोनी जांच के लिए ग्राम पंचायत टेकाड़ी पहुंचे। जांच अधिकारियों को जांच प्रतिवेदन अगली सुनवाई के पूर्व प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। एनजीटी में अगली सुनवाई 28 फरवरी को होना है।

जांच में उत्खनन के गड्ढे, भूसा, और मिल परिसर खुला पाया गया है- सोनी
उधर जांच को लेकर की गई चर्चा के दौरान कलेक्टर प्रतिनिधि एवं एसडीएम बालाघाट गोपाल सोनी ने बताया एनजीटी के निर्देश पर मौजूदा स्थिति की जांच की गई है। जांच में खसरा नंबर 294 में तालाब नुमा खनन की स्थिति पाई गई है। पेड़ कटाई के मामले में कोई भी ठूठ नहीं मिले हैं। सभी की उपस्थिति में नाले का सीमांकन किया गया है। मिल से निकलने वाले भूसे के निशान नदी के किनारे पाए गए हैं। इन सभी की एक रिपोर्ट तैयार कर पीसीबी को भेज दी जाएगी। पंचनामा तैयार किया गया है। एनजीटी में 28 फरवरी तक रिपोर्ट सौंपना है, हमारे द्वारा इसके पहले रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

झूठी शिकायत की गई है-विनोद शर्मा,
वहीं चर्चा के दौरान हर्ष राइस इंडस्टरीज पार्टनर विनोद शर्मा ने बताया शिकायतकर्ता ने शिकायत कि थी मिल का निर्माण अवैध तरीके से किया गया है, नाला में अतिक्रमण, व अवैध तरीके से खनन कर भरन किया गया है।आज एनजीटी के आदेश पर मौके पर टीम राइस मिल पहुंची और टीम ने जांच पंचनामा तैयार किया है। जिसकी रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी और वहां पर तय तारीख को जवाब दिया जाएगा। शिकायतकर्ता के द्वारा झूठी शिकायत की गई है। जिसका खुलासा जांच में हो चुका है।

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