22 से थम जाएगे बसों के पहिए, चालक परिचालक और मजदूर संघ ने किया एलान

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बालाघाट। जिले के बैहर क्षेत्र में पद के दुरुपयोग और कथित उत्पीड़न का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भारतीय मजदूर संघ, बालाघाट ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) बैहर पर एक बस चालक के साथ अभद्र व्यवहार और अन्यायपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी दी है। जिन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि यदि 7 दिनों के भीतर मामले का निराकरण नहीं किया गया और संबंधित ड्राइवर पर दर्ज किया गया अपराध, रद्द नहीं किया गया, तो भारतीय मजदूर संघ के आव्हान पर चालक परिचालक संघ के नेतृत्व में 22 अप्रैल को बालाघाट जिले के सभी बसों के पहिए थम जाएंगे, जहा न केवल बसों के पहिए थामेंगे ,बल्कि ट्रक, फोर व्हीलर वाहन सहित अन्य वाहनों के चालक परिचालक भी हड़ताल पर रहेंगे,।जब तक हमे इस मामले में न्याय नहीं मिल जाता तब तक उनकी यह हड़ताल अनिश्चितकालीन तक के लिए जारी रहेगी।

क्या है पूरा मामला
संघ द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 12 अप्रैल 2026 की रात लगभग 10:30 बजे तन्नौर नदी के पास एक यात्री बस और एसडीओपी का वाहन आमने-सामने से गुजरे। सड़क संकरी और मोड़ होने के कारण, दोनों वाहनों की तेज लाइट के चलते बस चालक एसडीओपी के वाहन को पहचान नहीं सका। हालांकि दोनों वाहन बिना किसी नुकसान के निकल गए, लेकिन आरोप है कि इसके बाद एसडीओपी ने अपने पद का रौब दिखाते हुए बस चालक के साथ अभद्रता की है।उसपर फर्जी धराओ के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

चालक को चौकी में बैठाकर किया प्रताड़ित
संघ का आरोप है कि मामूली यातायात स्थिति को लेकर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करने के बजाय एसडीओपी ने व्यक्तिगत द्वेषवश सालेटेकरी चौकी प्रभारी को निर्देश देकर चालक को चौकी में बैठाया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।

धारा 151 में कार्रवाई पर उठे सवाल
मजदूर संघ ने यह भी आरोप लगाया कि बिना ठोस आधार के चालक कमलेश वाहने पर धारा 151 के तहत कार्रवाई कर उसे जेल भेज दिया गया, जो न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। संघ ने इसे एक गरीब दलित मजदूर के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन बताया है।

चालक-परिचालकों में रोष
घटना के बाद जिलेभर के चालक-परिचालकों में आक्रोश व्याप्त है। संघ का कहना है कि एक जिम्मेदार लोकसेवक द्वारा इस प्रकार का व्यवहार प्रशासनिक गरिमा के खिलाफ है और इससे आम मजदूरों में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है।

22 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
भारतीय मजदूर संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई और पीड़ित चालक को न्याय नहीं मिला, तो 22 अप्रैल 2026 से जिले में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन और कामबंद हड़ताल शुरू की जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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