काठमांडू: नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कैलाश मानसरोवर की यात्रा के लिए लिपुलेख दर्रे के रास्ते के इस्तेमाल करने को लेकर आपत्ति जताई है। नेपाल ने इस बाबत भारत और चीन दोनों के सामने विरोध दर्ज कराया है। नेपाली विदेश मंत्रालय का कहना है कि हिमालय का यह ऊंचाई वाला दर्रा नेपाली जमीन पर स्थित है और काठमांडू की सहमति के बिना इन दोनों में से किसी भी पड़ोसी देश को इसका इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है।
रविवार को काठमांडू की तरफ से इस बयान के जारी होने के बाद दक्षिण एशिया में एक और क्षेत्रीय विवाद का पन्ना खुल गया है। नेपाल में लिपुलेख को लेकर आम आदमी अब भावनात्मक तौर पर जुड़ चुके हैं और सरकार के लिए ऐसे मुद्दों पर लोगों की भावनाओं के खिलाफ जाना असंभव हो जाता है।










































