प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 21 मई को होने वाली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक को मोदी सरकार (Modi Govt) के तीसरे कार्यकाल की सबसे अहम बैठकों में से एक माना जा रहा है। सरकार के दो साल पूरे होने से पहले आयोजित हो रही इस बैठक को महज एक नियमित प्रशासनिक समीक्षा नहीं, बल्कि सरकार के कामकाज का “मिड-टर्म रिपोर्ट कार्ड” माना जा रहा है।
दो साल के कामकाज की होगी व्यापक समीक्षा
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में जून 2024 से अब तक विभिन्न मंत्रालयों द्वारा किए गए सुधारों, फैसलों और नीतिगत बदलावों का विस्तृत आकलन किया जाएगा। सभी मंत्रालयों को अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों और सुधारों का ब्यौरा तैयार करने को कहा गया है।
सरकार ने इन सुधारों को चार प्रमुख हिस्सों में बांटा है—
- विधायी बदलाव
- वैधानिक नियमों में संशोधन
- नीतिगत सुधार
- प्रशासनिक सुधार
- बैठक में कृषि, वाणिज्य, ऊर्जा, पर्यावरण और परमाणु ऊर्जा समेत करीब एक दर्जन मंत्रालयों के सचिव अपनी प्रस्तुति देंगे। माना जा रहा है कि सरकार का फोकस नियमों को सरल बनाने, अनुपालन के बोझ को कम करने और आम लोगों के लिए “ईज ऑफ लिविंग” बेहतर करने पर रहेगा।
- वैश्विक चुनौतियों पर भी रहेगा फोकस
- बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं ने ऊर्जा सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बना दिया है। ऐसे में ऊर्जा संरक्षण, ईंधन प्रबंधन और आपूर्ति शृंखला की स्थिरता जैसे विषय भी एजेंडे में प्रमुख रूप से शामिल रह सकते हैं। सरकार आर्थिक मोर्चे पर संभावित चुनौतियों के बीच घरेलू बाजार को स्थिर रखने और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी चर्चा कर सकती है।
- फेरबदल की अटकलें भी तेज
- राजनीतिक हलकों में इस बैठक को संभावित कैबिनेट फेरबदल से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मोदी 2.0 के अधिकांश मंत्री मौजूदा सरकार में भी अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। ऐसे में प्रदर्शन आधारित समीक्षा के बाद कुछ मंत्रालयों में बदलाव की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि सरकार या बीजेपी की ओर से आधिकारिक तौर पर फेरबदल को लेकर कोई संकेत नहीं दिया गया है, लेकिन बैठक के राजनीतिक संदेशों पर सभी की नजर बनी हुई है।
- बीजेपी के अभियान की भी होगी पृष्ठभूमि तैयार
- गौरतलब है कि यह बैठक पहले 7 मई को प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में इसे 21 मई तक के लिए टाल दिया गया। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी 5 जून से 21 जून तक देशभर में सरकार के दो साल पूरे होने पर व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 21 मई की यह बैठक केवल मंत्रालयों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अगले दो वर्षों की प्रशासनिक प्राथमिकताओं, राजनीतिक रणनीति और सरकार के संदेश को तय करने वाली महत्वपूर्ण कवायद साबित हो सकती है।










































