आखिरी घर, जहां खोजते हैं मर्लिन मुनरो की मौत का रहस्य, बोली थीं- नहीं चाहती कि लोग देखें, मैं कहां रहती हूं

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हॉलीवुड की गुजरे जमाने की हसीन एक्ट्रेस रहीं मर्लिन मुनरो की महज 36 वर्ष की उम्र में हुई असमय मृत्यु लंबे समय से रहस्य और चर्चा का विषय बनी हुई है। उनकी मौत को लेकर कई तरह की कहानियां और अटकलें दशकों से चर्चा में रही हैं।

मुनरो अपने अंतिम घर में केवल छह महीने रहीं, लेकिन जिस घर में उनकी मृत्यु हुई, वह अब फैन्स के लिए एक अट्रैक्शन जैसा बन गया है। यह स्थिति वैसी ही है जैसी लॉस एंजिलिस स्थित उनके मॉन्यूमेंट वेस्टवुड विलेज मेमोरियल पार्क की है।मौजूदा मालिकों ने ‘सिटी ऑफ लॉस एंजिलिस’ के खिलाफ मुकदमा दायर किया

इस आकर्षण घर का व्यावहारिक असर भी देखने को मिला है। इस वर्ष घर के मौजूदा मालिकों ने ‘सिटी ऑफ लॉस एंजिलिस’ के खिलाफ मुकदमा दायर किया। उनका आरोप है कि 2024 में इस संपत्ति को हिस्टोरिकल कल्चरल मॉन्यूमेंट (ऐतिहासिक-सांस्कृतिक स्मारक) घोषित किए जाने से वे मकान को गिराकर वहां इसे रीडेवलप नहीं कर पा रहे हैं।

यह घर टूरिज्म के अट्रैक्शन का केंद्र

शहर प्रशासन का कहना है कि संपत्ति के मालिकों को पहले से जानकारी थी कि यह घर टूरिज्म के अट्रैक्शन का केंद्र है और भविष्य में इसे हेरिटेज साइट का दर्जा मिल सकता है। प्रशासन का मानना है कि, मुनरो की पहचान हमेशा इस घर से जुड़ी रहेगी। लेखक ने अपने हालिया रिसर्ट में यह समझने की कोशिश की है कि ‘फिफ्थ हेलेना’ नामक यह घर मुनरो के लिए उनके जीवनकाल में क्या मायने रखता था। रिसर्ट में यह भी बताया गया कि घर की आर्किटेक्चरल मेमोरी, स्थान और उनसे जुड़ी कहानियों के सवालों को कैसे जन्म देती है।

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