प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन ने भरी हुंकार रैली निकालकर एसडीएम को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन

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पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन तहसील शाखा वारासिवनी के तत्वावधान में बुधवार को पेंशनरों ने अपनी विभिन्न न्यायोचित और लंबित मांगों को लेकर प्रांतीय एवं स्थानीय पदाधिकारियों की अगुवाई में एक विशाल रैली निकाली। नारेबाजी करते हुए सभी पेंशनर्स एसडीएम कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने अनुविभागीय अधिकारी कार्तिकेय जायसवाल को एवं विधायक जनसंपर्क कार्यालय में विधायक विवेक पटेल को मुख्यमंत्री म.प्र. शासन भोपाल के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पेंशनर्स के हाथों में अपनी मांगों से संबंधित विभिन्न स्लोगन लिखी हुई तख्तियां और संगठन के झंडे थे। अपनी जायज मांगों को लेकर वरिष्ठ नागरिकों का आक्रोश साफ देखा जा सकता था।

ज्ञापन में प्रमुखता से उठाई गईं ये ६ मुख्य मांगें

सौंपे गए ज्ञापन में एसोसिएशन ने अत्यंत दुख और असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के लगभग ५ लाख पेंशनर्स की ज्वलंत और लंबित समस्याओं का शासन के द्वारा समय पर निराकरण नहीं किया जा रहा है। इसके कारण पेंशनर्स और उनके परिवारों में घोर निराशा व्याप्त है। केंद्र सरकार की देय तिथि से महंगाई राहत ना मिलने और उचित स्वास्थ्य लाभ कैशलेस बीमा से वंचित रहने के कारण आज बुजुर्ग पेंशनर्स का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है और वे इस उम्र में भी अभावग्रस्त जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। पेंशनर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपे पत्र में म.प्र. राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा ४९/६ जो छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बीच पेंशन देनदारियों से जुड़ी इस धारा को अविलंब समाप्त किया जाये, वर्तमान में सरकार के द्वारा पेंशनर्स से ४ प्रतिशत प्रीमियम लेने का प्रावधान किया जा रहा है,जिसका विरोध करते हुए मांग की गई है कि कर्मचारियों की तरह पेंशनर्स से कोई प्रीमियम ना लिया जाए और उन्हें पूरी तरह कैशलेस इलाज की सुविधा मिले, पेंशनरों को देय आर्थिक लाभ ४,६,८ माह या एक वर्ष के विलंब से दिए जाते हैं जिससे उनका हक प्रभावित होता है। एरियर्स का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप मध्य प्रदेश के पेंशनर्स को भी केंद्र की तिथि से ही लाभ दिया जाए। साथ ही कोरोना काल के दौरान रोके गए छठवें वेतनमान के ३२ माह के एरियर और सातवें वेतनमान के २७ माह के एरियर का भुगतान तुरंत ६ प्रतिशत ब्याज दर के साथ किया जाए। पूर्व में दिए गए अदालती निर्णयों को मान्य करते हुए ८० वर्ष की आयु के स्थान पर ७९ वर्ष की आयु पूर्ण करते ही पेंशनर्स को २० प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ दिया जाए। नियमित सेवाकाल के कर्मचारियों की तर्ज पर ही पेंशनर्स को भी उपादान राशि का सम्मानजनक भुगतान किया जाए। इस अवसर पर प्रोग्रेसिव पेंशनर्स एसोसिएशन के तहसील अध्यक्ष श्रीपत वाघाडे ,उपाध्यक्ष प्रेमलाल लिल्हारे, सचिव एस के दहिकर, कोषाध्यक्ष डी के घोले सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी सदस्य उपस्थित रहे।

बाइट एस के दहीकर सचिव

श्रीपत वाघाड़े अध्यक्ष

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