उत्तराखंड की लीची ने रचा इतिहास, यूरोप में बनाई पहचान, पहली खेप भेजी गई इटली

0

Uttarakhand Litchi Export: उत्तराखंड की प्रसिद्ध प्रीमियम लीची ने अब अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी है। राज्य की लीची की पहली खेप यूरोप के देश इटली के लिए भेजी गई है। यह खेप देहरादून (Dehradun litchi export) से रवाना की गई, जो भारत के कृषि निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस पहली निर्यात खेप में करीब एक टन ताजी लीची शामिल थी। इसे गुरुवार को इटली के लिए भेजा गया। अधिकारियों के अनुसार, यह पहल उत्तराखंड के किसानों और फलों की गुणवत्ता के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

सरकारी और संस्थागत सहयोग से संभव हुआ निर्यात

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक इस सफल निर्यात में कई संस्थाओं का सहयोग रहा। इसमें केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करने वाला कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA), उत्तराखंड सरकार, स्थानीय किसान उत्पादक संगठन (FPO), निर्यातक, लॉजिस्टिक कंपनियां और अन्य भागीदार शामिल रहे। सभी के मिलकर किए गए प्रयासों से यह संभव हुआ कि उत्तराखंड की लीची पहली बार यूरोप जैसे बड़े और सख्त गुणवत्ता मानकों वाले बाजार तक पहुंच सकी।

उत्तराखंड की लीची की खासियत

देहरादून की लीची अपनी मिठास, लाल रंग, सुगंध और रसीले गूदे के लिए जानी जाती है। इसकी गुणवत्ता इसे देश के अन्य क्षेत्रों की लीची से अलग बनाती है। यहां की जलवायु लीची की खेती के लिए बहुत अनुकूल मानी जाती है। खासकर देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर जैसे जिलों में लीची का उत्पादन बेहतर गुणवत्ता के साथ होता है। इन क्षेत्रों की मिट्टी और मौसम फल की मिठास और आकार को और बेहतर बनाते हैं। देहरादून की लीची की कुछ प्रसिद्ध किस्में जैसे रोज़ सेंटेड, कलकत्तिया और बेदाना बाजार में काफी लोकप्रिय हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here