40 साल बाद भी कायदी रेलवे स्टेशन तक नहीं बना समुचित पहुंच मार्ग

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बरसात में दलदल और अंडरब्रिज बना ग्रामीणों की सबसे बड़ी परेशानी

रेल यात्रियों, स्कूली बच्चों, किसानों और ग्रामीणों को उठानी पड़ रही है कठिनाइयां

बालाघाट/
बालाघाट कटंगी रेलवे लाइन पर स्थित ग्राम कायदी का रेलवे स्टेशन बने चार दशक से अधिक समय बीत चुका है।लेकिन आज तक इस स्टेशन तक पहुंचने के लिए समुचित मार्ग का निर्माण नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि रेल यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने के लिए कच्चे, दलदली और फिसलन भरे रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह समस्या और भी विकराल रूप धारण कर लेती है।जिससे यात्रियों के साथ साथ ग्रामीणों, स्कूली बच्चों और किसानों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार पहले स्टेशन तक पहुंचने की व्यवस्था अपेक्षाकृत बेहतर थी। लेकिन रेलवे द्वारा अंडरब्रिज के निर्माण के बाद आवागमन की स्थिति और खराब हो गई। बरसात के दिनों में अंडरब्रिज में घुटनों तक पानी भर जाता है। जिससे लोगों को पानी के बीच से होकर आवागमन करना पड़ता है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है।
कायदी बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को बरसात के दौरान बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। वहीं ग्राम बस्ती की ओर से स्टेशन पहुंचने वाले लोगों के लिए भी कोई सुरक्षित और पक्का मार्ग उपलब्ध नहीं है। दलदली रास्ते और फिसलन के कारण लोगों को रोजाना जोखिम उठाना पड़ता है।

स्कूली बच्चों के लिए बढ़ा खतरा

रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण के बाद सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। बरसात के दिनों में उन्हें पानी से भरे अंडरब्रिज और फिसलन भरे रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। जलभराव के कारण जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है। जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

किसानों की मुश्किलें भी बढ़ीं

कायदी एक कृषि प्रधान ग्राम है और धान उत्पादन के लिए पूरे जिले सहित प्रदेश में अपनी विशेष पहचान रखता है। गांव के सैकड़ों किसान प्रतिदिन कृषि कार्य के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। कृषि उपकरण, खाद बीज और उपज के परिवहन में भी उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खराब मार्ग के कारण किसानों का समय और श्रम दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर भी पड़ रहा असर

रेलवे स्टेशन के समीप ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का अंतिम चरण का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा आसपास शासकीय एवं निजी शैक्षणिक संस्थान भी संचालित हैं। इन संस्थानों तक पहुंचने के लिए भी लोगों को इसी खराब मार्ग और अंडरब्रिज का सहारा लेना पड़ता है।जिससे मरीजों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को प्रतिदिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

योजनाओं पर उठ रहे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि रेलवे विभाग ने जहां अंडरब्रिज की आवश्यकता नहीं थी।वहां अंडरब्रिज का निर्माण कर दिया। जबकि जहां रेलवे फाटक की आवश्यकता थी। वहां फाटक नहीं बनाए गए। इससे आवागमन की सुविधा बेहतर होने के बजाय और अधिक अव्यवस्थित हो गई है। ग्रामीणों का मानना है कि रेलवे की इस योजना ने कायदी गांव की वर्षों पुरानी समस्या को और गंभीर बना दिया है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि कायदी रेलवे स्टेशन तक पक्के और सुरक्षित पहुंच मार्ग का शीघ्र निर्माण कराया जाए। साथ ही अंडरब्रिज में जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए ताकि बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या समाप्त हो सके। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।

रेलवे स्टेशन आज भी बुनियादी सुविधा नही है

ग्राम कायदी का रेलवे स्टेशन आज भी बुनियादी सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहा है। करोड़ों रुपये की परियोजनाओं के बावजूद यदि यात्री, किसान, विद्यार्थी और मरीज सुरक्षित तरीके से स्टेशन और गांव तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। तो यह विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग ग्रामीणों की इस वर्षों पुरानी समस्या का समाधान कब तक कर पाते हैं।
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