भोपाल। नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में सोमवार को एससी मामलों की छानबीन समिति के समक्ष सुनवाई हुई। लगभग एक घंटे तक शिकायतकर्ता और कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार का पक्ष सुना गया।इसके बाद मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपने समर्थन में समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा।सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता प्रदीप अहिरवार ने अपने दावों के समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत किए। उनके समर्थन में सतना और पन्ना जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग भोपाल पहुंचे।
अहिरवार का पक्ष:
अहिरवार ने समिति के समक्ष कहा कि भारत सरकार के वर्ष 1950 के गजट में बागरी समुदाय अनुसूचित जाति की सूची में शामिल नहीं था। उनके अनुसार वर्ष 1977 में मध्य प्रदेश का गजट जारी होने के बाद बागरी समुदाय की कुछ उपजातियां राजपूत वर्ग में और कुछ अनुसूचित जाति में शामिल हुईं।









































