EXPLAINER: अगर वैभव सूर्यवंशी का बल्ला चला, तो क्या संजू सैमसन का करियर फिर होगा खत्म?

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। क्रिकेट फैंस और दिग्गजों की भारी डिमांड के बाद आखिरकार, वैभव सूर्यवंशी ने 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी20I मैच में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया। वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह देने के लिए संजू सैमसन को बाहर बैठाना पड़ा। ऐसे में कई पूर्व खिलाड़ियों ने भारतीय टीम प्रबंधन के इस फैसले की अलोचना की। हालांकि, सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि अगर वैभव का बल्ला चला तो क्या संजू सैमसन का करियर खत्म हो जाएगा?

आईपीएल 2025 में डेब्यू करने के बाद से हर क्रिकेट फैंस की जबान पर वैभव का नाम चढ़ गया था। इसके बाद वैभव ने यूथ वनडे, टेस्ट और टी20 में ऐसा धमाल मचाया कि इंग्लैंड से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक में उनकी बल्ले की गूंज सुनाई देने लगी। फिर क्या था उन्हें अंडर-19 टीम में जगह मिल गई और वह अंडर-19 वर्ल्ड कप चैंपियन बनें।

वैभव ने किया है धमाका

वनडे फॉर्मेट में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप में वैभव सूर्यवंशी ने 7 मैच की 7 पारियों में 169.50 की स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाए। इसमें 41 चौके और 30 छक्के शामिल थे। इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल मुकाबले में मात्र 80 गेंद पर 218.75 की स्ट्राइक से बल्लेबाजी करते हुए 175 रन की पारी खेली। इसके बाद आईपीएल 2026 में वैभव ने 237.31 की स्ट्राइक रेट से कुल 776 रन बनाए। उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके बाद उन्हें भारतीय टीम में शामिल करने की मांग उठने लगी।

आयरलैंड दौरे पर नहीं मिला मौका

आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए जब भारतीय टीम का ऐलान हुआ तो उसमें वैभव का नाम शामिल किया गया। हालांकि, आयरलैंड के खिलाफ उन्हें डेब्यू करने का मौका नहीं मिला। आयरलैंड के खिलाफ दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में संजू सैमसन के बतौर ओपनर फेल होने के बाद वैभव को खिलाने की मांग ने और जोर पकड़ लिया। उम्मीद थी कि वैभव इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में ही संजू को रिप्लेस कर देंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

संजू को पहले मैच में एक और मौका मिला, लेकिन उन्होंने फिर से निराश किया। फिर दूसरे टी20 मैच में उन्हें बाहर बैठना पड़ा। वैभव ने डेब्यू किया और 14 रन की पारी खेली। इस दौरान उन्होंने अपना बेखौफ अंदाज दिखाया। अगर वैभव यहां से रन बनाते हैं तो उन्हें भारतीय टीम से बाहर बैठाना मुश्किल होगा। क्योंकि, टी20 वर्ल्ड कप 2026 में तीन पारियों में धमाकेदार प्रदर्शन करने वाले संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवार्ड मिला। इसके बाद उन्हें मात्र तीन टी20 मुकाबले खेलने को मिले, जिनमें वह अपनी छाप छोड़ने में नाकामयाब रहे। यानी यह साफ हो गया है कि जब भी संजू का बल्ला नहीं चला है, तब-तब उन्हें बार किया गया है।

संजू पर लटकी रहती है तलवार

साल 2015 में डेब्यू करने वाले संजू को पांच साल तक टीम इंडिया में जगह नहीं मिली। साल 2020 में उन्हें टीम में फिर जगह मिली, लेकिन उन्हें बेंच पर ही बैठना पड़ा। इसके बाद साल 2022 में उन्होंने आयरलैंड के खिलाफ ओपनिंग करते हुए 77 रन की पारी खेली, लेकिन उभरते हुए स्टार शुभमन गिल के चलते उन्हें फिर टीम में जगह नहीं मिली। साल 2024 में जब रोहित और विराट ने संन्यास ले लिया तब संजू टीम का हिस्सा बने और ओपनिंग में जगह कुछ समय के लिए पक्की की। अब फिर से उनकी जगह पर खतरा मंडरा रहा है।

भविष्य की टीम इंडिया

यही नहीं टीम इंडिया के थिंक-टैंक (गौतम गंभीर, श्रेयस अय्यर और मैनेजमेंट) उन्हें भविष्य के ओपनर के रूप में देख रहे हैं। ऐसे में यदि उनका स्ट्राइक रेट और फॉर्म इंटरनेशनल लेवल पर भी कायम रहता है, जैसा उन्होंने आईपीएल और यूथ क्रिकेट स्तर पर रखा था तो उन्हें टीम से बाहर करना मुश्किल होगा। मतलब साफ है कि संजू के करियर पर विराम भी लग सकता है।

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