शराब पीने से मना करने पर बांस के डंडे से पीट पीटकर वृद्ध पिता को उतारा था मौत के घाट
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। न्याय और कानून की चौखट पर एक बार फि र एक कलयुगी पुत्र को उसके जघन्य अपराध की अंतिम और कड़ी सजा मिली है। थाना कटंगी के ग्राम तुमसर से एक दिल दहला देने वाले पितृहंता पारिवारिक हत्याकांड में ११ जुलाई को न्यायालय ने ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कमलेश मीणा की अदालत ने अपने ही पिता की बेरहमी से हत्या करने वाले दोषी पुत्र राजेश मानेश्वर उम्र ३७ वर्ष को भारतीय दंड संहिता की धारा ३०२ के तहत दोषी पाते हुए सश्रम आजीवन कारावास यानि उम्रकैद और १००० रुपये के अर्थदंड की सजा से दंडित किया है। अर्थदंड की अदायगी ना करने पर दोषी को ०४ माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
यह था पूरा मामला
अभियोजन पक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक घटना १३ मई २०२४ को दोपहर लगभग १ बजे से ४ बजे के बीच घटित हुई थी। ग्राम तुमसर निवासी ३७ वर्षीय आरोपी राजेश पिता सीताराम मानेश्वर और उसके पिता सीताराम मानेश्वर एक ही मकान में निवास करते थे। मृतक सीताराम मानेश्वर ने अपने पुत्र राजेश मानेश्वर को अत्यधिक शराब पीने से मना किया था। इसी बात से नाराज होकर कलयुगी पुत्र राजेश ने आपा खो दिया और घर के भीतर ही रखे बांस के मोटे डंडे से अपने वृद्ध पिता पर ताबड़तोड़ प्रहार करना शुरू कर दिया। आरोपी ने पिता को जान से मारने की नीयत से सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर इतनी बेरहमी से वार किए कि वृद्ध सीताराम का दाहिना हाथ टूटकर लटक गया और वृद्ध पिता लहूलुहान होकर अचेत हो गए और मौके पर ही तड़प.तड़प कर उनकी मृत्यु हो गई।
दामाद की शिकायत पर दर्ज हुआ था मामला
घटना वाले दिन मृतक सीताराम मानेश्वर जब अपनी जान बचाने के लिए चिल्ला रहे थे तो गांव के प्रत्यक्षदर्शियों ने आवाज सुनी। उन्होंने देखा कि आरोपी राजेश अपने पिता को बांस के डंडे से लगातार पीट रहा था और वृद्ध पिता गुरुजी.गुरुजी चिल्लाते हुए सहायता की गुहार लगा रहे थे। गंभीर मारपीट के कारण मृतक की दाहिनी भुजा भी टूटकर लटक गई थी। घटना की सूचना मृतक के दामाद व मामले के मुख्य प्रार्थी तिलकचंद अचारे को उनकी पत्नी मोतनबाई ने फोन पर दी थी। मोतनबाई ने रोते हुए बताया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। जब तिलकचंद तुरंत अपने ससुराल ग्राम तुमसर पहुंचे तो देखा की लहूलुहान और अचेत अवस्था में वृद्ध को पानी पिलाकर खटिया पर लेटाया गया लेकिन तब तक उनके प्राण पखेरू उड़ चुके थे। प्रार्थी की तत्परता से थाना कटंगी में अपराध क्रमांक २२३/२०२४ के तहत धारा ३०२ भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम हेतु कटंगी अस्पताल भेजा और आरोपी को गिरफ्तार कर आला कत्ल बांस का डंडा जब्त किया।
अभियोजन की मजबूत पैरवी से मिली सफ लता
न्यायालय में मामले की पैरवी कर रहे अतिरिक्त लोक अभियोजक संतोष लिल्हारे ने अभियोजन पक्ष को बेहद मजबूती से प्रस्तुत किया। मुस्तैदी से पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष कुल १९ महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए, साथ ही ३६ दस्तावेजी साक्ष्य और घटना में प्रयुक्त बांस के डंडे सहित ८ अन्य सामग्रियां ठोस सबूत के तौर पर पेश कीं। न्यायाधीश कमलेश मीणा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और वैज्ञानिक व चिकित्सकीय साक्ष्यों का बारीकी से अवलोकन करने के बाद आरोपी राजेश मानेश्वर को पिता की हत्या का दोषी माना और समाज में इस प्रकार के जघन्य अपराधों के प्रति कड़ा संदेश देते हुए खुले न्यायालय में उम्रकैद की सजा का ऐलान किया।
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