सालों से पक्की सडक़ और डामरीकरण की उठ रही मांग,विद्यार्थियों और किसानों की बढ़ी मुसीबतें
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कायदी के आश्रित टोले बनियाटोला से हुडक़ीटोला को जोडऩे वाला मार्ग की बारिश ने सूरत बिगाड़ कर रख दी है। पूरा रास्ता कीचड़ और गहरे गड्ढों के कारण दलदल में तब्दील हो चुका है। जिससे यहां रहने वाले सैकड़ों ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप होने के कगार पर है और लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं।
एक सैकड़ा आबादी सालों से भुगत रही है उपेक्षा का दंश
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में लंबे समय से लगभग १०० से अधिक लोग करीब २५ से ज्यादा परिवार निवास करते हैं। वार्ड नंबर १६ हुडक़ीटोला के निवासियों के लिए हर साल बारिश का मौसम किसी अभिशाप से कम नहीं होता। ग्रामीणों ने इस मार्ग के स्थायी निर्माण या डामरीकरण के लिए ग्राम पंचायत से लेकर आला अधिकारियों तक अनेकों बार गुहार लगाई है। लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला धरातल पर आज तक कोई प्रयास नहीं किए गए। प्रशासनिक उदासीनता के कारण इतने वर्षों बाद भी यह मार्ग कच्चा और बदहाल पड़ा हुआ है। यह मार्ग केवल रहवासियों के लिए ही नहीं बल्कि क्षेत्र के किसानों के लिए भी जीवनरेखा है। नहर पर बनी पुलिया से करीब डेढ़ किलोमीटर अंदर बसे इस टोले का रास्ता आगे सीधे जोड़ापाठ के लिए निकलता है। इस पूरे बेल्ट में क्षेत्र के किसानों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि स्थित है। वर्तमान में स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि ट्रैक्टरों के आवागमन से सडक़ पर ३ फ ीट तक गहरा दलदल बन गया है। आलम यह है कि मोटरसाइकिल और साइकिल से चलना तो दूर पैदल कदम रखना भी दूभर है। किसान और ग्रामीण नहर की पुलियां पर ही अपनी गाडियां खड़ी करने को विवश हैं और वहां से डेढ़ दो किलोमीटर का फासला पैदल कीचड़ में सने हुए तय कर रहे हैं। इस दुर्दशा का सबसे बुरा असर स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। कीचड़ से लथपथ सडक़ पर बच्चे आए दिन फि सलकर गिर रहे हैं जिससे उनके कपड़े और कॉपियां खराब हो रही हैं। इस खस्ताहाल मार्ग के ठीक समीप से एक नहर बहती है। सडक़ पर कीचड़ और नहर के किनारों पर उगी झाडिय़ों के कारण रास्ता बेहद संकरा हो गया है। ऐसे में कीचड़ से बचते समय किसी भी वक्त कोई बड़ा वाहन या राहगीर अनियंत्रित होकर नहर में गिर सकता है जिससे हमेशा गंभीर हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन और जिला प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए और तत्काल बनियाटोला से हुडक़ीटोला तक पक्की सडक़ का निर्माण या डामरीकरण कराया जाए।
बाइट योगेश खैरवार पंच
मीराबाई ग्रामीण
मनोहर नगरगड़े ग्रामीण










































