नई दिल्लीः नीट पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच ठनी हुई है। सरकार का कहना है कि वो नीट पेपर लीक मुद्दे पर नियमों को तहत चर्चा करने के लिए तैयार है। लेकिन विपक्ष की मांग है कि चर्चा तभी मुमकिन है जब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। नीट प्रश्नपत्र लीक मामले और इसके विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई समेत विभिन्न मुद्दों पर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को राज्यसभा की बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर तीन बजे तक स्थगित ।
सरकार पेपर लीक पर चर्चा को तैयारः रिजिजू
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि नीट पेपर लीक सहित सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सरकार तैयार है। वहीं केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा, ‘ इंडिया गठबंधन का बर्ताव बहुत गैर-जिम्मेदाराना है। हम संसद में उनके इस लोकतंत्र-विरोधी व्यवहार को साफ देख सकते हैं। संसदीय मर्यादा को तार-तार किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन हो रहा है।’
चर्चा नियमों को तहत ही होगीः संसदीय कार्य मंत्री
नड्डा ने कहा, ‘संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने अभी-अभी साफ कहा है कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, हमारी सरकार NEET पेपर लीक और उससे जुड़े सभी मामलों पर भी चर्चा करने को तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार पारदर्शी है। यह ऐसी सरकार है जो हमेशा लोगों के हित में काम करती है। इसलिए, हम उनके (विपक्ष के) जन-विरोधी कार्यों की कड़ी निंदा करते हैं। वे लोकतंत्र या लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास नहीं करते हैं।’










































