नई दिल्ली: सरकार एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को एयरलाइन शुरू करने की अनुमति दे सकती है। इससे अडानी ग्रुप और जीएमआर एयरपोर्ट्स के एयरलाइन सेक्टर में उतरने का रास्ता साफ हो सकता है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बारे में पॉलिसी में बदलाव करने पर विचार कर रही है। एयरलाइन सेक्टर में अभी इंडिगो और एयर इंडिया का दबदबा है जिसे सरकार तोड़ना चाहती है। इंडिगो की भारतीय बाजार में हिस्सेदारी 66.3 फीसदी पहुंच चुकी है।मौजूदा नियमों के तहत एयरपोर्ट ऑपरेटर किसी भी एयरलाइन में 10% से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं रख सकते। लेकिन अब इसे बदला जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय में इस पर विचार-विमर्श चल रहा है। किसी भी छूट के लिए कानून मंत्रालय और कैबिनेट की मंजूरी की जरूरत होगी। ओनरशिप से जुड़ी पाबंदियों में ढील मिलने से अडानी ग्रुप और जीएमआर एयरपोर्ट्स को एयरलाइन का मालिक बनने की इजाजत मिल जाएगी।दो कंपनियों का दबदबा
अडानी ग्रुप अभी मुंबई एयरपोर्ट और सात अन्य एयरपोर्ट चलाता है। इसी तरह GMR एयरपोर्ट्स दिल्ली एयरपोर्ट और देश के चार अन्य एयरपोर्ट को मैनेज करती है। इस पॉलिसी का मकसद बाजार में कॉम्पिटिशन बढ़ाना है। अभी देश के एविएशन मार्केट में इंडिगो और एयर इंडिया की हिस्सेदारी करीब 90% है।










































