गुना। गुना जिला मुख्यालय से सटे बोरखेड़ा के जंगल में कोलकाता की युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म के पांच आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। युवती मूल रूप से झारखंड निवासी और नेशनल फर्टीलाइजर्स में अभियंता अपने मित्र के यहां आई हुई थी। गुरुवार रात टेकरी सरकार के दर्शन कर वापस एनएफएल लौटने के दौरान बदमाशों ने बाइक पंचर होने के बहाने उन्हें रोका और जंगल में खींच ले गए थे। जहां युवती के साथ हैवानियत हुई।मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने स्थानीय गांव बोरखेड़ा के बबलू बंजारा, महेंद्र बंजारा, दिनेश बंजारा, खजरा के छोटू बंजारा और विन्याकी के सरदार बंजारा को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटा गया मोबाइल, पर्स और अन्य सामान बरामद कर लिया है। पुलिस के मुताबिक इस घटना में सात बदमाश शामिल थे। दो और आरोपितों की पहचान हो गई है। उनकी धरपकड़ की कोशिश जारी है।
पुलिस को देखते ही भागे बदमाश
बता दें कि नेशनल हाईवे-46 पर हिलगना के समीप बोरखेड़ा के जंगल में हुई इस वारदात के दौरान तीन आरोपी युवती के मित्र युवक को बंधक बनाए रहे। बचने के लिए युवती बदमाशों को नोंचती रही, काटती रही पर वे नहीं मानें। उन्होंने शोर बंद करने गुप्तांग में लकड़ी तक घुसा दी, जिससे वह घायल हो गई। इसके बाद भी युवती संघर्ष करती रही। उसका शोरगुल सुनकर पास ही तैनात पुलिस मौके पर जा पहुंची, तो बदमाश जंगल के रास्ते भाग गए।
पीड़िता ने साझा किया अपना दर्द
इस पूरे मामले पर पीड़िता ने बताया कि टेकरी दर्शन कर वह अपने साथी युवक के साथ बाइक से घर एनएफएल विजयपुर आ रही थी। इसी बीच रिलायंस पेट्रोल पंप ग्रीन माउंटेन के पहले एक बाइक पर तीन अज्ञात व्यक्ति पीछे से आए और हमसे बोले कि तुम्हारी बाइक का पहिया पंचर हो गया है, जैसे ही मैं और मेरा साथी युवक बाइक रोककर पंचर देखने के लिए रुके, वैसे ही बदमाशों ने बाइक की चाबी निकाल ली और बलपूर्वक मेरे बाल खींचकर एबी रोड के दूसरी तरफ मुझे और मेरे साथी को जबरदस्ती घने अंधेरे जंगल में ले गए।
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पीड़िता ने आगे बताया, ‘जंगल में ही फोन करके उन लोगों ने अपने अन्य तीन साथियों को भी बुला लिया। फिर सभी ने मुझे और मेरे साथी युवक को डंडों और थप्पड़ों से पीटा, फिर जान से मारने की धमकी देकर मेरा और मेरे साथी युवक का फोन तथा हमारी बाइक छीन ली। इसके बाद मेरे साथी युवक को जंगल में दूसरी तरफ ले गए। फिर तीन बदमाशों ने जबरदस्ती मेरे सारे कपड़े फाड़ दिए और मेरे साथ बारी-बारी से अपने कपड़े उतारकर जबरदस्ती दुष्कर्म करने की कोशिश करने लगे तथा तीनों अपने प्राइवेट पार्ट को मेरे प्राइवेट पार्ट में जबरदस्ती डालने लगे, मेरे विरोध करने पर उन लोगों ने मुझे थप्पड़ों से पीटा मेरे ही कपड़ों से मेरे हाथ बांध दिए।
पीड़िता ने आगे बताया, ‘जब मैं चिल्लाई तो एक व्यक्ति ने मेरे प्राइवेट पार्ट में लकड़ी घुसाने की कोशिश की, जिससे मेरे गुप्तांग से खून निकलने लगा। मैंने संघर्ष करके खुद को बचाया तथा इस दौरान जो लोग मुझसे जबरदस्ती कर रहे थे मैंने अपने बचाव में उन्हे नोंचा, काटा फिर भी वह नहीं माने। जंगल में कुछ ही दूरी पर मेरे साथी युवक के चिल्लाने की भी आवाज आ रही थी, फिर कुछ देर बाद पुलिस वहां आ गई, जिन्हें देखकर वह सभी लोग मुझे पूर्ण नग्न अवस्था में छोड़कर वहां से भाग गए।’










































