बालाघाट। जिले के दुरांचल क्षेत्र बिरसा बैहर में इन दोनों बच्चों के बीमार होने का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है।जहां क्षेत्र के अब तक 7 बच्चों की मौत होने की बात कही जा रही है।तो वही 2 दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हैं। हालांकि बच्चे बीमार क्यों हो रहे हैं फिलहाल इसका स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन दूषित पानी ,भोजन या फिर संक्रमण को इसकी वजह बताया जा रहा है। ज्यादातर बच्चे शरीर पर दाने आने, उल्टी दस्त बुखार से पीड़ित बताए गए हैं।हैरत की बात को यहां है कि आज के इस दौर में ग्रामीण अंचल के लोग आज भी पंडा पुजारी पर विश्वास कर रहे हैं और अपने बीमार बच्चों को पंडा पुजारी के पास ले जाकर नारियल, अगरबत्ती व कू कू सिंदूर से इलाज करने में विश्वास जाता रहे हैं। जहा के स्थानिय ग्रामीणों को सरकारी दवाई से ज्यादा झड़क पर अधिक विश्वास है, जिसके चलते बच्चों में बीमारी लगातार बढ़ रही है। जब पंडा पुजारी ने भी हाथ खड़े कर दिए तब कही जाकर परिजन, बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे हैं। जहां जिला अस्पताल में बिरसा के ग्राम कुंड़ेकसा से करीब 25 बच्चों को लाकर उपचार के लिए भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। फिलहाल सभी बच्चों की हालत में सुधार बताया जा रहा है उधर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दोनों ही क्षेत्र में जगह-जगह स्वास्थ शिविर लागाकर ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है।
एक ही गांव के 25 बच्चो को कराया गया भर्ती
जिले के बिरसा विकासखंड के कुंडेकसा गांव में फैली बीमारी ने पूरे इलाके को दहला दिया है। कुछ ही दिनों के भीतर बैहर बिरसा क्षेत्र के 7 मासूम बच्चों की मौत होने की बात कही जा रही है, जबकि दो दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हैं। गंभीर हालत वाले 25 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां चिकित्सकों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है।
इन बच्चों का जिला अस्पताल में चल रहा उपचार
जानकारी के मुताबिक बिरसा के ग्राम कुंड़ेकसा से पंचलाल पिता सोनम मरकाम,(6 वर्ष), प्रेम सिंह पिता एतु मरकाम, (4 वर्ष), हंसलाल पिता बुधारी धुर्वे,(7 वर्ष), मिनीता पिता छतर सिंह धुर्वे,(4 वर्ष), देवसिंह पिता तेजलाल धुर्वे,(5 वर्ष), सुनैना पिता तेजलाल धुर्वे ,(ढेड़ वर्ष), पवनवाती पिता गणपति मरकाम ,(6 वर्ष), विदेश पिता छतर सिंह ,(1वर्ष), पौऊत्री पिता प्रेमलाल धुर्वे ,(4 माह), आकाश पिता बिशनलाल धुर्वे ,(ढेड़ वर्ष), अकलसिंह पिता गोहरी ,(4 वर्ष), बिसमौती पिता नंदू मरावी,(3वर्ष), उमीत सिंह पिता बुधसिंह मरकाम,सूर्या पिता पवन सिंह मरकाम(3वर्ष), सगंवती पिता चेतराम मरकाम(8 माह), लखन पिता हंसू मरकाम ,(3 वर्ष), प्रिया, बिरसा,और संध्या पिता बुध सिंह मरकाम सहित अन्य बच्चे के नामो का समावेश है।
गांव भी अब भी कई बच्चे बीमार
बताया गया कि गांव में अब भी कई बच्चे बुखार, उल्टी, दस्त और कमजोरी जैसे लक्षणों से पीड़ित बताए जा रहे हैं। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने गांव में मेडिकल कैंप स्थापित कर डॉक्टरों की टीम तैनात कर दी है। घर-घर जाकर बच्चों की जांच की जा रही है और दवाइयां वितरित की जा रही हैं।हालांकि बीमारी की असली वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। प्रारंभिक तौर पर दूषित पेयजल, दूषित भोजन, मौसमी बीमारी व संक्रमण की आशंका जताई जा रही है। पानी और अन्य नमूनों की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।










































