गंभीर बीमारी से जूझ रही साढ़े तीन साल की बच्ची, 9.55 करोड़ का है इंजेक्शन, 8 करोड़ जुट गए

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 गंभीर बीमारी स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी टाइप-2 से जूझ रही साढ़े तीन साल की बच्ची अनिका को लगने वाले नौ करोड़ 55 लाख रुपये के इंजेक्शन के मामले में हाई कोर्ट में चल रही याचिका में मंगलवार को सुनवाई हुई।

एम्स की ओर से कोर्ट को बताया गया कि केंद्र शासन विभिन्न योजना के अंतर्गत 50 लाख रुपये तक की मदद करने को तैयार है। याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि विभिन्न सामाजिक संगठनों और जनसहयोग से करीब आठ करोड़ रुपये की राशि जुटाई जा चुकी है। यह राशि फिलहाल संबंधित संस्थाओं के पास है।अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना को तलाशें

इस पर कोर्ट ने कहा कि इस मामले को विशेष मामला मानकर 50 लाख रुपये से अधिक अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना को तलाशे। राज्य शासन भी उपचार के लिए आर्थिक सहायता के उपाय तलाशने का रास्ता खुला रखे।

सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंं

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट लखन शर्मा और चंचल गुप्ता ने बताया कि कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले उन सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंं जिन्होंने राशि जुटाई है।

संस्थाओं को यह भी स्पष्ट करना होगा कि वे संबंधित राशि एम्स के खाते में जमा करने को तैयार हैं

संस्थाओं को यह भी स्पष्ट करना होगा कि इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी का इनवाइस जारी होने पर वे संबंधित राशि एम्स के खाते में जमा करने को तैयार हैं। मामले में अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। उस दिन जुटाई गई राशि, संस्थाओं की सहमति और उपचार के लिए शेष रकम की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना को तलाशें

इस पर कोर्ट ने कहा कि इस मामले को विशेष मामला मानकर 50 लाख रुपये से अधिक अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावना को तलाशे। राज्य शासन भी उपचार के लिए आर्थिक सहायता के उपाय तलाशने का रास्ता खुला रखे।

सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंं

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट लखन शर्मा और चंचल गुप्ता ने बताया कि कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले उन सभी संस्थाओं का विवरण और उनकी सहमति संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंं जिन्होंने राशि जुटाई है।

संस्थाओं को यह भी स्पष्ट करना होगा कि वे संबंधित राशि एम्स के खाते में जमा करने को तैयार हैं

संस्थाओं को यह भी स्पष्ट करना होगा कि इंजेक्शन बनाने वाली कंपनी का इनवाइस जारी होने पर वे संबंधित राशि एम्स के खाते में जमा करने को तैयार हैं। मामले में अगली सुनवाई 18 अगस्त को होगी। उस दिन जुटाई गई राशि, संस्थाओं की सहमति और उपचार के लिए शेष रकम की व्यवस्था पर विचार किया जाएगा।

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