दुनिया के खोए 8वें महाद्वीप को वैज्ञानिकों ने खोजा, भारत से लगभग दोगुना, 8.5 करोड़ साल से समुद्र में डूबा

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वॉशिंगटन: एक आम नक्शे से लेकर स्कूलों की किताबों में हमें सात महाद्वीपों के बारे में पढ़ाया जाता है, लेकिन क्या हो अगर आपको पता चले कि धरती पर एक आठवां महाद्वीप भी है। जी हां, आठवां महाद्वीप भी है, जो लगभग पूरी तरह समुद्र के नीचे है। जियोलॉजिस्ट ने न्यूजीलैंड के आसपास पानी से घिरे इलाके का जियोलॉजिकल अध्ययन किया तो दिलचस्प जानकारी सामने आई। इस जगह पर पानी के नीचे महाद्वीप के आकार का क्रस्ट है। यह आकार में भारत के लगभग दोगुने के बराबर है।

समुद्र के नीचे मिला जीलैंडिया महाद्वीप

भू-वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूजीलैंड, न्यू कैलेडोनिया और चारों तरफ नीले पानी से घिरे कई छोटे-छोटे द्वीप दिखते हैं। असल में ये द्वीप टे रिउ-ए-माउदी या जीलैंडिया की दिखाई देने वाली चोटियां हैं। जीलैंडिया नाम का सुझाव 1995 में जियोफिजिसिस्ट ब्रूस लुयेंडिक ने पहली बार दिया था। साल 2017 में इसे और पहचान मिली जब, निक मोर्टिमर और उनके साथियों ने GSA टुडे में इसके जियोलॉजिकल सबूत पेश किया।
जीलैंडिया का 94 प्रतिशत हिस्सा पानी में डूबा

जियोलॉजिकल अनुमान के मुताबिक, इस गायब महाद्वीप का क्षेत्रफल लगभग 49 लाख वर्ग किलोमीटर है, जिसका 94 प्रतिशत हिस्सा समुद्र के स्तर के नीचे है। वैज्ञानिकों का कहना है कि न्यूजीलैंड और न्यू कैलेडोनिया इसके पानी के ऊपर वाले सबसे बड़े हिस्से हैं।

ऐसा नहीं है कि भूवैज्ञानिकों ने 2017 में पहली बार इसकी खोज की। जहाजों, सैटेलाइट्स और तटीय देशों को पहले से ही इन पहाड़ की कतारों और पठारों के बारे में पता था। असल बात इनके वर्गीकरण की थी। उस समय भूवैज्ञानिकों ने बताया कि इन हिस्सों को पानी में डूबे अलग-अलग टुकड़ों के बजाय 49 लाख वर्ग किमी के एक महाद्वीप के तौर पर देखा जाए।

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