Khargone News: मध्य प्रदेश के खरगोन शहर स्थित एक मकान में अजीबोगरीब घटना घट रही है। एक घर में तीन दिनों से लगातार पानी भर जा रहा है। पानी कहां से आ रहा है, इसके बारे में किसी को पता नहीं है। नगर पालिका की टीम भी मौके पर पहुंची लेकिन कुछ पता नहीं चला।खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन शहर की वार्ड नंबर 7 स्थित एक कॉलोनी में एक रिटायर्ड जिला पंचायत कर्मचारी के घर पिछले तीन दिनों से लगातार पानी भरने की अजीबोगरीब घटना सामने आई है। घर में पानी किसी पाइपलाइन, नाले या सीवरेज से नहीं, बल्कि कथित तौर पर जमीन के नीचे से निकल रहा है। पानी पूरी तरह साफ है और लगातार आने के कारण परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए रिटायर्ड कर्मचारी के बेटे, बहू और दो छोटे बच्चों को दूसरे मकान में शिफ्ट होना पड़ा है।2013 में खरीदा था मकान
जिला पंचायत से रिटायर्ड ड्राइवर रामेश्वर बिल्लोरे ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2013 में यह मकान खरीदा था। इससे पहले इस तरह की समस्या कभी सामने नहीं आई। उन्होंने बताया कि करीब तीन दिनों से घर के फर्श के नीचे से पानी निकलकर कमरों में भर रहा है। पानी निकालने के लिए दो इलेक्ट्रिक मोटर पंप लगाए गए हैं, लेकिन पानी का आना लगातार जारी है।
घर में रहना मुश्किल
बिल्लोरे के मुताबिक, उनके बेटे, बहू और करीब ढाई व चार साल के दो बच्चों के लिए घर में रहना मुश्किल हो गया था। इसलिए उन्हें दूसरे मकान में भेज दिया गया। हालांकि बिल्लोरे और उनकी पत्नी अभी भी इसी मकान में रह रहे हैं।पानी बिल्कुल है साफ
उन्होंने कहा कि सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पानी बिल्कुल साफ है। ऐसा प्रतीत होता है कि यह जमीन के भीतर से ऊपर आ रहा है। अब तक यह पता नहीं चल सका है कि आखिर पानी का स्रोत क्या है। उन्होंने कहा कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, केवल ₹600 सामाजिक सुरक्षा पेंशन के रूप में मिल रहे हैं। उनका बेटा भी ड्राइवर का रेगुलर काम नहीं कर पा रहा है।
नगर पालिका की टीम को भी नहीं मिला पानी का सोर्स
खरगोन नगर पालिका की सीएमओ कमला कौल ने बताया कि 15 अगस्त को घटना की जानकारी मिलने के बाद नगर पालिका की तकनीकी टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई। टीम ने मौके का निरीक्षण किया, लेकिन पानी के लगातार आने का कोई स्पष्ट स्रोत नहीं मिला।
न सीवेज लाइन और न ड्रेनेज सिस्टम
उन्होंने बताया कि मौके पर न तो कोई नाला पाया गया, न सीवरेज लाइन या ड्रेनेज सिस्टम और न ही नगर पालिका की किसी पानी की पाइपलाइन में लीकेज मिला। ऐसे में घर के भीतर लगातार पानी आने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है।
भूगर्भ वैज्ञानिकों से जांच कराने की तैयारी
वहीं, सीएमओ ने बताया कि मामले की जानकारी जिला प्रशासन को दे दी गई है। अब पानी के स्रोत का पता लगाने के लिए भूगर्भ वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है। विशेषज्ञ जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि पानी जमीन के नीचे से क्यों और किस स्रोत से घर में पहुंच रहा है।
कमला कौल ने बताया कि सुरक्षा को देखते हुए रामेश्वर बिल्लोरे और उनकी पत्नी को कई बार मकान खाली करने की सलाह दी गई है, लेकिन दोनों फिलहाल घर छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रशासन अब विशेषज्ञों की जांच के जरिए इस रहस्यमय जलस्रोत का पता लगाने की कोशिश










































