किसानों ने शासन प्रशासन से पूर्व व्यवस्था बहाल करने की मांग
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी खैरलांजी क्षेत्र में खरीफ सीजन की मुख्य फ सल धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। वर्तमान में फ सलों को बचाने और बेहतर पैदावार के लिए खाद उर्वरक के छिडक़ाव की सख्त आवश्यकता है। ऐसे में शासन के द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सेवा सहकारी समितियों में सभी सहखातेदारों के शपथ पत्र, आधार कार्ड और बायोमेट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता के कारण किसान खाद पाने के लिए दर दर भटकने को मजबूर हैं।
टोकन सिस्टम बंद,नए नियमों ने बढ़ाया आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में टोकन सिस्टम के माध्यम से किसानों को सुगमता से खाद का वितरण किया जा रहा था। परंतु हाल ही में इस व्यवस्था को बंद कर समिति और मारफेट के माध्यम से ऑफलाइन बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। नए नियम के तहत यदि किसी किसान की भूमि पावती में परिवार के अन्य सदस्यों के नाम दर्ज हैं तो उन सभी सदस्यों के शपथ पत्र, आधार कार्ड जमा करने और उनके बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही खाद दी जा रही है। सोसाइटी के ऋ ण धारक किसानों के सामने सबसे बड़ी व्यावहारिक संकट खड़ी हो गई है। कई किसानों की पावती में दर्ज परिवार के सदस्य रोजगार या अन्य कारणों से बाहर निवास कर रहे हैं या परिवार की बेटियां विवाह उपरांत दूसरे स्थानों पर चली गई हैं। ऐसे में वर्तमान में उनका उपस्थित होना या दस्तावेज उपलब्ध कराना संभव नहीं हो पा रहा है। इसके अलावा कुछ परिवारों में आपसी मनमुटाव के कारण भी अन्य सदस्य दस्तावेज देने में सहयोग नहीं कर रहे हैं जिससे वास्तव में खेती संभाल रहे किसान को खाद नहीं मिल पा रही है। सोसायटी से केसीसी पर खाद बीज लेने वाले पंजीकृत किसान अब दोहरी मार झेल रहे हैं। फ सल बचाने की जल्दबाजी में वे बाहर से कर्ज लेकर या अन्य तरीकों से रुपये की व्यवस्था कर मारफेट के गोदामों से नगदी में खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं। इसके लिए किसानों को अन्य माध्यमों से ब्याज पर कर्ज लेना पड़ रहा है। शासन की इस नई प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र के किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि इस जटिल नियम में तत्काल ढील दी जाए और पूर्व की तरह केवल खेती का वास्तविक संचालन कर रहे खाताधारक के नाम पर ही खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था पुन:शुरू की जाए।
टोकन सिस्टम में संबंधित व्यक्ति के नाम का ही खाद आवंटित हो रहा है-रविन्द्र पारधी
लिपिक रविन्द्र पारधी ने दूरभाष पर बताया को शासन ने परिवार के समस्त सदस्यों की फ ार्मर आईडी बना दी है। शासन के निर्देश है कि खेती के लिए जो खाद दिया जा रहा है उसके लिए सभी सदस्य सहमत है या नहीं इसलिए शपथ पत्र और आधार कार्ड मांगे जा रहे हैं,ताकि अन्य सदस्यों के हिस्से का खाद भी उसे दिया जा सके। टोकन सिस्टम में संबंधित व्यक्ति के नाम का ही खाद आवंटित हो रहा है यह शपथ पत्र वाली प्रक्रिया ऑफ लाइन के लिए है ऑनलाइन में सभी सदस्यों को टोकन काटना पड़ेगा। शासन के नियम तहत जानकारियां समिति के सदस्यों को दी जा रही है पहले इसमें खाता मर्ज हो जाते थे उसे अब बंद कर दिया गया है जिस कारण यह स्थिति बनी है। खातेदार असुविधा से बचने दस्तावेज जमा करें।










































