घायल छात्र साहिल लोचव को न्याय दिलाने की मांग, पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय करने कांग्रेस ने उठाई आवाज
जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा कथित रूप से पेलेट गन और लाठी-डंडों से की गई कार्रवाई के विरोध में बालाघाट शहर कांग्रेस कमेटी ने धरना-प्रदर्शन किया। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर आयोजित प्रदर्शन में घायल छात्र साहिल लोचव को न्याय दिलाने और कार्रवाई के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई गई।
धरने को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम पंजवानी ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इस तरह की पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार है। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई में साहिल लोचव गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा बताया जा रहा है। इसके बावजूद घटना को लेकर शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचने पर एफआईआर दर्ज नहीं किया जाना गंभीर चिंता का विषय है। श्याम पंजवानी ने कहा कि पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटनाक्रम को लेकर जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन आती है। ऐसे में यदि पुलिस कार्रवाई के लिए केंद्रीय स्तर से कोई निर्देश दिए गए थे तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और यदि बिना किसी निर्देश के कार्रवाई की गई तो संबंधित पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग भी की। साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की। पंजवानी ने कहा कि सरकार एक ओर लोकतंत्र और संविधान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पेलेट गन और लाठी-डंडों का इस्तेमाल किया जाता है। यह सरकार की कथनी और करनी के बीच अंतर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित छात्र की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं किया जाना भी अपने आप में गंभीर विषय है। कांग्रेस का कहना है कि घायल छात्र को न्याय मिलना चाहिए और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। श्याम पंजवानी ने कहा कि जब तक साहिल लोचव को न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक कांग्रेस का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे संघर्ष के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश और देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे। जिला संगठन मंत्री शफकत खान ने कहा कि यह लड़ाई केवल साहिल लोचव को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के शांतिपूर्ण प्रदर्शन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है और जब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रखा जाएगा।उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवा, किसान और आम जनमानस सरकार की नीतियों से परेशान हैं और आने वाले समय में जनता के मुद्दों को लेकर कांग्रेस सड़क पर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ जनआंदोलन खड़ा करने में कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी भूमिका निभाएंगे। धरना-प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साहिल लोचव को न्याय दिलाने, दोषी पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में श्याम पंजवानी, शफकत खान, कारो लिल्हारे, जीतू बर्वे, राजेश ठाकुर, अफरोज खान, राहुल बेस, मयूर मोटवानी, प्रवीण मदनकर, श्रीकृष्णा डींगरू, अल्लाह रखा, फिरोज खान, प्रकाश पप्पू मदनकर, साबिर मंसूरी, कपिल बर्वे, अनिल बनोटे, पन्ना शर्मा, शोएब अली, राकेश रामटेक, डॉ. मुकेश वरकडे, सुरेश बरमाते, धर्मेंद्र बोपाचे, रिजवान खान सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।










































