एक ही हॉल में चल रहीं ५ कक्षाएं विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत बुदबुदा के नदीटोला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। पुराने और जर्जर भवन को डिस्मेंटल किए जाने के बाद से ही स्कूल का संचालन परिसर में बने एक ही अतिरिक्त कक्ष में किया जा रहा है। नवीन भवन की स्वीकृति नही मिलने के कारण कक्षा १ से ५वीं तक के छात्र छात्राएं एक ही कमरे में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं।
एक कमरे में ३३ बच्चे और ३ शिक्षक
प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्य बस्ती से करीब ४ किलोमीटर दूर नदी के दूसरे छोर पर बसे नदी टोला में प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। वर्ष २०२५ में शिक्षा विभाग के द्वारा कराए गए निरीक्षण में स्कूल भवन को जर्जर पाते हुए डिस्मेंटल करने की रिपोर्ट दी गई थी। इसके बाद २१ अगस्त से भवन को गिराने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। लेकिन नए भवन का निर्माण तो दूर अब तक शासन से इसकी स्वीकृति भी नहीं मिल पाई है। वर्तमान सत्र २०२५ और २०२६ में दर्ज ३३ विद्यार्थियों को ३ शिक्षकों के द्वारा एक ही हॉल में एक साथ पढ़ाया जा रहा है जिससे अध्यापन कार्य में भारी अव्यवस्था हो रही है। एक ही जगह पर अलग.अलग कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई होने से ना केवल एकाग्रता प्रभावित हो रही है, बल्कि विद्यार्थियों के रिजल्ट पर भी इसका विपरीत असर पड़ रहा है। इस अव्यवस्था से परेशान होकर कई अभिभावकों ने अपने बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में करा दिया है। हालांकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवार आज भी बच्चों को इसी अव्यवस्थित वातावरण में भेजने को विवश हैं। यदि समय रहते पुराने भवन का उचित रखरखाव और मरम्मत की जाती तो वह कुछ और वर्षों तक उपयोग में आ सकता था। वर्तमान में बुनियादी सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक ढिलाई के कारण बच्चों का शैक्षणिक भविष्य खतरे में है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से गुहार लगाई है कि नदी टोला में जल्द से जल्द नवीन भवन की स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए।
भवन नही होने से बच्चों की पढ़ाई हो रही प्रभावित-कमलसिंह पटले
ग्रामीण कमल सिंह पटले ने बताया कि नदीटोला स्कूल की स्थिति जर्जर हो गई है एक हाल में सभी बच्चे बैठाल कर पढ़ाई करवाई जा रही है। स्कूल भवन यहां पर है नहीं आगे भवन बने तो अच्छा होगा वरना बहुत समस्या होने वाली है। ग्राम के कुछ लोग तो प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चों को भेज रहे हैं फि र भी कुछ बच्चे यहां पढऩे आते हैं। हम यही चाहते हैं कि अच्छे से स्कूल भवन बन जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई गुणवत्ता पूर्वक हो सके।
शिक्षा विभाग की लापरवाही का दंश झेल रहे बच्चे- उमेन्द्र जमरे
उपसरपंच उमेन्द्र जमरे ने बताया कि कक्षा १ से ५ वीं तक की प्राथमिक स्कूल हमारे यहां है उसके भवन की दीवार मजबूत है यदि मरम्मत करते तो आगे और चल जाता। किंतु मरम्मत की जगह डिस्मेंटल कर दिया गया है तोडऩा आज से चालू हुआ है। पांच कक्षा एक कमरे में तीन शिक्षकों के द्वारा पढ़ाई जा रही है एक तरफ पढाई तो दूसरी तरफ हल्ला होता है। इन्होंने पहले भवन स्वीकृत कर डिस्मेंटल करना था तो स्कूल भवन बनने की आस लगी रहती। यहां पर गरीब और सभी स्तर के बच्चे पढऩे आते हैं स्कूल अच्छा है परंतु भवन से विद्यार्थियों के प्रवेश कम हो रहे हैं। पढ़ाई अच्छी होती है परंतु शासन की यह व्यवस्था खराब है अब यथाशीघ्र भवन स्वीकृत किया जाए अन्यथा इसका प्रभाव विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम पर पड़ेगा।
भवन नही होने से सभी बच्चे एवं शिक्षक एक साथ पढ़ते पढ़ाते है – दिनेश भगत
प्रधान पाठक दिनेश भगत ने बताया कि वर्ष २०२५ में ही स्कूल भवन डिस्मेंटल कर दिया गया था तब से हम अतिरिक्त कक्ष में पांच कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। दिक्कत तो हो रही है सभी बच्चे एवं शिक्षक एक साथ पढ़ते पढ़ाते हैं नया भवन की अभी कोई जानकारी नहीं है। मरम्मत के लिए पहले भी हमने आवेदन अधिकारियों को किया था उन्होंने आकर देखा डिस्मेंटल कर दिया। यह दूसरा सत्र अतिरिक्त कक्ष में संचालित हो रहा है।
इनका कहना हैं
दूरभाष पर चर्चा में बताया कि विभागीय निरीक्षण में पीडब्लूडी की रिपोर्ट पर स्कूल भवन को डिस्मेंटल कर दिया गया है। हमारे द्वारा नवीन भवन की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दिया गया है।
सतेन्द्र शरणागत बीआरसी वारासिवनी











































