ओबीसी जनगणना को लेकर आर-पार की तैयारी,

0

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने सौपा ज्ञापन
जनगणना में ओबीसी की अलग और वैज्ञानिक गणना की मांग
6 सूत्रीय मांगो को लेकर सौपा ज्ञापन मांग पूरी न होने पर आंदोलन की दी चेतावनी।
फोटो
पदमेश न्यूज़। बालाघाट। जनगणना-2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जातिवार जनसंख्या की गणना को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने आंदोलन का ऐलान किया है। संगठन की ओर से राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर ओबीसी की अलग से जनगणना कराने सहित 6 सूत्रीय मांगों को पूरा करने की गुहार लगाई गई है। ज्ञापन में कहा गया है कि देश में ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या का वैज्ञानिक, सटीक और विश्वसनीय आंकड़ा सामने आना आवश्यक है, ताकि उसी के आधार पर नीतियों का निर्माण किया जा सके।

ओबीसी की अलग जनगणना कराने की मांग
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने मांग की है कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की जनगणना अलग तरीके से की जाती है, उसी पद्धति से ओबीसी की भी अलग जनगणना कराई जाए। संगठन का कहना है कि केवल जाति आधारित आंकड़े सामने आने से ही ओबीसी की वास्तविक सामाजिक एवं जनसंख्या स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

हर जाति के लिए अलग कोड की मांग
ज्ञापन में प्रत्येक राज्य के लिए आधिकारिक एवं व्यापक मास्टर जाति निर्देशिका तैयार करने की मांग भी की गई है। संगठन के मुताबिक अलग-अलग राज्यों में जातियों के नाम, उपनाम और स्थानीय पहचान को लेकर होने वाली विसंगतियों को दूर करने के लिए एक मानकीकृत व्यवस्था जरूरी हैमोर्चा ने जनगणना प्रक्रिया में प्रत्येक जाति को विशिष्ट कोड प्रदान करने की मांग रखी है। इसके साथ ही वर्तमान अनिर्धारित ‘ओपन कॉलम’ व्यवस्था के स्थान पर मानकीकृत विकल्प आधारित प्रणाली अपनाने की मांग की गई है, ताकि जातिवार आंकड़ों के संकलन में भ्रम और त्रुटियों की संभावना कम हो।

जातियों के सत्यापन के लिए बने संस्थागत व्यवस्था
ज्ञापन में असूचीबद्ध एवं स्थानीय जातियों के सत्यापन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। मोर्चा का कहना है कि जाति संबंधी आंकड़ों के संकलन और सत्यापन की प्रक्रिया पारदर्शी एवं विश्वसनीय होनी चाहिए।संगठन ने जाति संबंधी डेटा के संग्रहण, सत्यापन और संकलन की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और ऑडिट योग्य बनाए जाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि जनगणना-2027 में जाति संबंधी आंकड़ों की शुद्धता बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके लिए स्पष्ट और मानकीकृत प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए।

मांग पूरी न होने पर करेंगे बड़ा आंदोलन
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि प्रथम चरण में 25 अगस्त को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब 2 सितंबर से आंदोलन के दूसरे चरण के तहत जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन क्रमिक धरना-प्रदर्शन किया जाना था लेकिन बरसात के चलते यह नहीं हो सका।जिसके कारण ज्ञापन सौपा गया है जल्द ही आंदोलन के तीसरे चरण की योजना बनाई जाएगी। संगठन ने उक्त मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन करने और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here