नमो फॉर विकसित भारत’ इवेंट में पीएम मोदी, जेन-जी में दिखा जबरदस्त जोश, फिर छेड़ी ‘नाराज फूफा’ वाली बात

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वडोदरा के महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) पवेलियन ग्राउंड में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ (NaMo for Viksit Bharat) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा।NaMo for Viksit Bharat Event: प्रधानमंत्री मोदी का वडोदरा में ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम में शामिल भीड़ ने जोरदार स्वागत किया। पीएम मोदी विकसित भारत वडोदरा (गुजरात) आगमन पर स्थानीय जनता और समर्थकों ने उनका भव्य और उत्साहजनक स्वागत किया। वडोदरा के महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (MSU) पवेलियन ग्राउंड में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ (NaMo for Viksit Bharat) कार्यक्रम में प्रधानमंत्री का स्वागत करने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा में आयोजित एक कार्यक्रम में 35,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और आधारशिला रखी।प्रधानमंत्री मोदी ने क्या-क्या कहा?

2014 के बाद जब आपके आशीर्वाद से मैं दिल्ली पहुंचा और वहां पहुंचते ही हमने इसको गति देने का प्रारंभ कर दिया। 2,800 किमी के डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का काम आज पूरा करके दिखाया है। और आज ईस्टर्न और वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर देश के व्यापार-कारोबार का मुख्य आधार बन रहा है।

2,800 किलोमीटर लंबी समर्पित माल ढुलाई गलियारा परियोजना की परिकल्पना 2004 में की गई थी, लेकिन भाजपा के 2014 में सत्ता में आने तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। समर्पित माल ढुलाई गलियारा परियोजना इस बात का प्रमाण है कि पिछले 12 वर्षों में देश की कार्य संस्कृति में कितना परिवर्तन आया है। रेलवे के आधुनिकीकरण से फायदा पहुंच रहा। फ्रेट कॉरिडोर से पैसे की बचत। उत्पाद, सब्जियां सही समय पर बाजार पहुंच रही हैं। 50 हजार आधुनिक कोच बनाए गए, ढाई लाख वैगन जोड़े गए। भारत विकास की गाथा लिख रहा है।ये फ्रेट कॉरिडोर एक और वजह से कमाल का है। हाल ही में JNPT पोर्ट मुंबई से वडोदरा तक डबल स्टैक कंटेनर मालगाड़ी का संचालन किया गया है। इस मालगाड़ी के चलने से एक बार में ही 250 से अधिक ट्रकों के बराबर का सामान मुंबई से वडोदरा चला आया। अब ये जो नाराज फूफा जी हैं, वो चिल्लाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा, ट्रक कहा जाएंगे, उनका क्या होगा? अब इन फूफा जी को काम मिल गया है।

डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर तेजी से विकसित होते भारत की जीवनरेखा है। इसने भारत के ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर का कायाकल्प कर दिया है। पहले पैसेंजर ट्रेन जिस ट्रैक पर चलती थी, उसी पर मालगाड़ी भी चलती थी। यानी ट्रैवल और ट्रांसपोर्ट दोनों धीमे थे। लेकिन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर ने स्थिति को बदल दिया है। आज पूर्वी और पश्चिमी फ्रेट कॉरिडोर पर प्रतिदिन 430 से ज्यादा मालगाड़ियां चलती हैं। और पहले जो मालगाड़ी 6.30 घंटे में 100 किमी का सफर तय करती थी। अब वही मालगाड़ी आधे से भी कम समय में 100 किमी का सफर तय कर लेती है।

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