चुनावी गड़बड़ियों की शिकायत पर दिल्ली कोर्ट सख्त, पुलिस को नए सिरे से जांच रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश

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चुनावी अनियमितताओं से जुड़ी वरिष्ठ अधिवक्ता महमूद प्राचा की शिकायत पर दिल्ली की अदालत ने पुलिस को नए सिरे से जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने पहले दाखिल कार्रवाई रिपोर्ट में कमियां पाईं और शिकायतकर्ता के साक्ष्यों की जांच करने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों की रिपोर्ट को लेकर देश में सियासी माहौल गर्म है। वहीं, दूसरी ओर चुनावी अनियमितताओं से जुड़ी एक शिकायत पर दिल्ली की अदालत ने संसद मार्ग थाने के जांच अधिकारी को नए सिरे से रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। यह शिकायत वरिष्ठ अधिवक्ता महमूद प्राचा ने चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज कराई थी। मामले में अदालत ने पुलिस की ओर से पहले दाखिल की गई कार्रवाई रिपोर्ट में कमियां पाईं।

महमूद प्राचा ने 2025 में दायर अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की 2023 की हैंडबुक में निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन किया। शिकायत में दिल्ली समेत कई राज्यों में कथित तौर पर फर्जी मतदान की सुविधा देने और पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से अवैध तरीके से हटाने जैसे आरोप लगाए गए थे।

पुलिस की रिपोर्ट पर कोर्ट ने क्या कहा?

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी कौतुक भारद्वाज ने पुलिस की ओर से दाखिल कार्रवाई रिपोर्ट पर गौर किया। अदालत के सामने शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट में कमियों की ओर इशारा किया था। उनका कहना था कि उन्हें अपने साक्ष्य पेश करने का अवसर नहीं दिया गया।अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता की प्रारंभिक जांच या उससे पूछताछ किए बिना कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल नहीं की जानी चाहिए थी। कोर्ट ने जांच अधिकारी को शिकायत और महमूद प्राचा की ओर से पेश किए गए संबंधित दस्तावेजों की जांच करने के बाद नई रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

11 नवंबर को होगी अगली सुनवाई

दिल्ली कोर्ट ने पुलिस को मामले की शिकायत और उससे जुड़े दस्तावेजों की दोबारा जांच करने के बाद नई रिपोर्ट पेश करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 11 नवंबर को होगी।

क्या है मामला?

बता दें कि अखबार, ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां दर्ज की थीं।

इस रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों की ओर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सवाल उठाए गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी उनके इस्तीफे की मांग की है। वहीं, एक संगठन ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।

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