MDR फीस का साइड इफेक्ट, UPI पेमेंट में हुई गिरावट, फिर भी बन गया नया रिकॉर्ड

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यूपीआई पर MDR फीस लागू होने के बाद सितंबर महीने में कुल UPI ट्रांजैक्शन के आंकड़े आ गए हैं। एमडीआर के कारण यूपीआई पेमेंट में 1.8% की गिरावट दर्ज की है, लेकिन रोजाना 80 करोड़ से ज्यादा पेमेंट का नया रिकॉर्ड बना है।भारत में UPI के जरिए होने वाले डिजिटल पेमेंट में सितंबर में अगस्त के मुकाबले मामूली गिरावट दर्ज की गई। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 1.8% घटकर 24.07 अरब रह गई, जबकि अगस्त में यह रिकॉर्ड 24.51 अरब थी। हालांकि, रोजाना होने वाले UPI पेमेंट के मामले में नया रिकॉर्ड बना है।

सितंबर में UPI से ₹29.37 लाख करोड़ का लेनदेन

NPCI के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में UPI के जरिए कुल ₹29.37 लाख करोड़ का लेनदेन हुआ। अगस्त में यह आंकड़ा ₹29.82 लाख करोड़ था। यानी महीने के आधार पर ट्रांजैक्शन वैल्यू में करीब 1.5% की कमी आई। इसके बावजूद सितंबर में औसतन हर दिन 80.2 करोड़ UPI पेमेंट किए गए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹97,913 करोड़ रही। यह पहली बार है जब एक दिन में UPI पेमेंट की संख्या 80 करोड़ के पार पहुंची है।

त्योहारों से बढ़ा डिजिटल पेमेंट

Cashfree के को-फाउंडर रीजू दत्ता के मुताबिक सितंबर में त्योहारी सीजन शुरू होने से UPI के जरिए खर्च बढ़ा। इस साल गणेश चतुर्थी सितंबर के मध्य में थी, जिसके कारण लोगों ने त्योहारों से जुड़ी खरीदारी और भुगतान किए। उनके मुताबिक अप्रैल से अगस्त के बीच रोजाना UPI के जरिए करीब ₹96,000 करोड़ का लेनदेन हो रहा था, लेकिन सितंबर में अतिरिक्त भुगतान का औसत मूल्य ज्यादा रहा।MDR लागू होने से पहले जारी हुए आंकड़े

सितंबर के ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं जब 15 अक्टूबर से चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होने को लेकर कारोबारियों के बीच चिंता है। UPI पर पिछले करीब छह साल से कोई MDR नहीं था। नई व्यवस्था में P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले UPI भुगतान पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

वहीं, ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा P2M यानी व्यक्ति से मर्चेंट भुगतान पर 0.40% MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति ट्रांजैक्शन होगी। छोटे कारोबारी, जिन्हें P2PM श्रेणी में रखा गया है और जो UPI से हर महीने ₹1 लाख तक प्राप्त करते हैं, MDR से बाहर रहेंगे।

सालाना आधार पर UPI की रफ्तार मजबूत

सितंबर 2025 की तुलना में सितंबर 2026 में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या 23% और वैल्यू 18% बढ़ी है। NPST के एमडी और सीईओ दीपक चंद ठाकुर के मुताबिक, त्योहारी सीजन में ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदारी के लिए UPI का इस्तेमाल और बढ़ सकता है।

IMPS और AePS में भी बदलाव

सितंबर में IMPS ट्रांजैक्शन 1.7% से ज्यादा घटकर 35.4 करोड़ रह गए, जबकि अगस्त में यह 36 करोड़ थे। हालांकि, IMPS ट्रांजैक्शन की वैल्यू ₹7.04 लाख करोड़ से बढ़कर ₹7.06 लाख करोड़ हो गई। वहीं, AePS ट्रांजैक्शन 8% घटकर 9.578 करोड़ रह गए और इनकी वैल्यू 9% घटकर ₹23,734 करोड़ रही।

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