नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को आजीवन कारावास

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विशेष न्यायालय का फैसला आरोपी पर 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया
बालाघाट। नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अमर सिंह कौशल को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर विभिन्न धाराओं में कुल 12 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश गौतम सिंह मरकाम की अदालत ने सुनाया।

कार्यक्रम में परिवार के साथ गई थी बालिका
अभियोजन के अनुसार मामला जिले के बिरसा थाना क्षेत्र का है। घटना 28 मार्च 2025 की रात की बताई गई है। नाबालिग बालिका अपने माता-पिता के साथ पड़ोस में आयोजित एक कार्यक्रम में गई थी। कार्यक्रम के दौरान बालिका खेल रही थी।जबकि उसकी मां खाना बनाने में व्यस्त थी और पिता अन्य लोगों के साथ बैठे थे। रात करीब 8.30 बजे बालिका ने अपनी मां को घटना के संबंध में जानकारी दी कि वह चिंगम लेने अमर सिंह नाना की की दुकान पर गई थी। अमर सिंह ने उसे बहाने से अपने घर के अंदर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।

रात में आरोपी के घर पहुंचे परिजन
घटना की जानकारी मिलने के बाद बालिका ने अपनी मां को पूरी बात बताई। मां ने घटना की जानकारी अपने पति को दी। इसके बाद परिजन बालिका को लेकर अमर सिंह के घर पहुंचे। जिसके घर का दरवाजा अंदर से बंद था और काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खोला गया।रात अधिक होने के कारण उसी समय पुलिस थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई जा सकी। अगले दिन 29 मार्च 2025 को बालिका की मां अपने पति और बेटी के साथ बिरसा थाना पहुंची और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई।

पुलिस ने विभिन्न धाराओं में दर्ज किया था मामला
रिपोर्ट के आधार पर बिरसा पुलिस ने आरोपी अमर सिंह कौशल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी अमर सिंह को गिरफ्तार कर मामले की विवेचना की और अनुसंधान पूर्ण होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

साक्ष्यों के आधार पर आरोपी दोषी करार
मामले की सुनवाई विशेष पॉक्सो न्यायालय में हुई। अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रकरण की परिस्थितियों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना।न्यायालय ने आरोपी अमर सिंह कौशल को धारा 65 भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड, धारा 3(2)(5) एससी/एसटी एक्ट के तहत आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड, जबकि धारा 3(1)डब्ल्यू(1) एससी/एसटी एक्ट के तहत एक वर्ष के कठोर कारावास और 2 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।इस प्रकार विभिन्न धाराओं में लगाए गए अर्थदंड की कुल राशि 12 हजार रुपये है।

विशेष लोक अभियोजक ने की प्रभावी पैरवी
प्रकरण में अभियोजन की ओर से कपिल कुमार डहेरिया, सहायक संचालक/विशेष लोक अभियोजक बालाघाट ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय के आदेश के बाद आरोपी को निर्धारित सजा भुगतनी होगी।नाबालिग पीड़िता की पहचान कानूनन गोपनीय रखी गई है।

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