इजरायलियों के लिए हीरो बने पायलट स्मित मच्छार की अब कैसी है हालत? भारतीय दूतावास ने बताया

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लैंडिंग के बाद कैप्टन स्मित मछार को ताबूक के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।Smit Machchhar: सऊदी अरब में उस वक्त एक बड़ा विमान हादसा होने से टल गया जब फ्लाइदुबई (Flydubai) की एक फ्लाइट में कॉकपिट पर हुए हमले के बाद 170 यात्रियों की जान पर बन आई। विमान का को-पायलट ने पायलट पर ही धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया और विमान बेहद तेजी से कुछ की सेकेंड में 33000 फीट से नीचे 17000 फीट तक आ गया था। तब भारतीय पायलट ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए विमान को सउदी अरब के उत्तर-पश्चिमी शहर ताबूक (Tabuk) में इमरजेंसी लैंडिंग कराई। इस फ्लाइट के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar) ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से एक बड़ा हादसा टाल दिया। उनकी बहादुरी का इजरायल भी कायल हो गया है और बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें हीरो बताया है।

कैसी है कैप्टन मछार की हालत?

लैंडिंग के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को ताबूक के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास कैप्टन मच्छार के स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। भारतीय अधिकारियों के अनुसार कैप्टन स्मित मछार की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। उनकी विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।

परिजनों को आश्वासन

दूतावास लगातार कैप्टन मच्छार के परिवार के संपर्क में है और उन्हें हर संभव सहायता का भरोसा दिया है। भारतीय दूतावास साउदी अरब के स्वास्थ्य और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठाकर पायलट के इलाज और देखभाल पर नजर रखे हुए है।कैसे टला बड़ा हादसा?

फ्लाइट के दौरान जब को-पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से जनलेवा हमला किया तब भी उन्हें हिम्मत और सूझबूझ दिखाते हुए हमलावर का मुकाबला किया। उन्होंने न सिर्फ विमान को संभाला बल्कि कॉकपिट का दरवाजा खोलने में भी कामयाब रहे। इसके बाद ही विमान में सवार कुछ लोग कॉकपिट के अंदर घुसे और हमलावर को-पायलट को काबू में किया। इसके साथ ही पायलट स्मित मच्छार ने तत्परता दिखाते हुए विमान का रुख ताबूक की ओर मोड़ा और सुरक्षित डायवर्जन लैंडिंग कराई। उनके इस साहसिक कारनामे की वजह से विमान में सवार यात्रियों की जान बच सकी। भारतीय विदेश मंत्रालय और दूतावास ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए उनके जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना की है।

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