बीजेपी विधायक पन्नालाल शाक्य अपने बयानों के चलते एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। गांधी जयंती के अवसर पर जब एक यूट्यूबर ने उनसे महात्मा गांधी के संबंध में सवाल पूछा, तो उन्होंने बेरुखी से कहा कि उन्हें बापू पर कुछ नहीं कहना है। इसके साथ ही उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु को लेकर भी सनसनीखेज बयान दिया।गुना: अपने बेबाक और अतरंगी बयानों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहने वाले मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य ने एक बार फिर नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के मौके पर जब एक यूट्यूबर ने उनसे बापू के संबंध में सवाल किया, तो उन्होंने बेरुखी से जवाब दिया कि ‘हमें बापू की जयंती पर कुछ नहीं कहना, लेकिन लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर जरूर कुछ कहना है।’
इतना ही नहीं, उन्होंने देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु को लेकर भी यह कहकर सनसनी फैला दी कि ‘ऐसा महापुरुष कभी-कभार पैदा होता है, लेकिन लोग उसे अकाल मृत्यु दे देते हैं।’ विधायक के इस तीखे बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।शास्त्री पार्क में आयोजित हुआ था कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में चलाए जा रहे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शहर के लक्ष्मीगंज स्थित शास्त्री पार्क में ‘नमो सेवा अनकही कहानियां’ और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में तात्या टोपे विश्वविद्यालय एवं सांदीपनि विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और स्वच्छता का संदेश देते हुए प्रस्तुतियां दीं।
कार्यक्रम में विधायक पन्नालाल शाक्य, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह सिकरवार, सांसद प्रतिनिधि हरि सिंह यादव, पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा, नपा उपाध्यक्ष धरम सोनी, महामंत्री संतोष धाकड़, कार्यक्रम प्रभारी गिरिराज भार्गव और मीडिया प्रभारी अंकुर श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। मंच से भाषण देते हुए विधायक ने बच्चों की प्रस्तुति की सराहना भी की थी।वायरल वीडियो से गरमाई राजनीति
कार्यक्रम संपन्न होने के बाद जब एक स्थानीय यूट्यूबर ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की संयुक्त जयंती के अवसर पर विधायक से गांधी जी के बारे में प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने महात्मा गांधी पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया और सारा फोकस शास्त्री जी पर रखा। राष्ट्रपिता को लेकर विधायक की इस अनदेखी और शास्त्री जी की मृत्यु पर दिए गए विवादास्पद बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है और विपक्षी दल इस पर तीखी प्रतिक्रिया देने की तैयारी में हैं।










































