मातारानी के तीसरे स्वरूप माँ चन्द्रघण्टा की पूजा आज,

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रोजाना माता के अलग अलग स्वरूपों की हो रही विशेष पूजा, विभिन्न कार्यक्रम भी
मंदिरों में उमड़ा जनसैलाब ,महाआरती सहित धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए श्रद्धालु
देर रात तक मंदिरों में लगा रहा भक्तों का ताता
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पदमेश न्यूज़।बालाघाट।सोमवार का दिन जिले भर में भक्ति के नाम रहा।जहां शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन माता के भक्त, भक्ति भाव में डूबे नजर आए। जिले के विभिन्न माता मंदिरों में शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन माँ ब्रह्मचारिणी की विशेष आराधना की गई। इस दौरान विभिन्न माता मंदिरों में भक्तों ने विशेष पूजा-अर्चना महाआरती ज्योति कलश सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों मे भाग लिया।तो वही इस विशेष पर्व पर एक दिन पूर्व घर-घर ज्योति कलश, ज्वारे स्थापित कर माता रानी की विशेष आराधना की गई।नगर सहित जिले के विभिन्न माता मंदिरो,व घरों में शारदीय नवरात्र के पहले दिन माता के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा अर्चना के बाद, सोमवार को दूसरे स्वरूप माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा कर भक्त जनों द्वारा आशीर्वाद मांगा गया।उधर शारदीय नवरात्र पर सुबह से लेकर देर रात तक मंदिरों में भक्तों का ताता लगा रहा।जहा भक्तगण माता की भक्ति में लीन नजर आए।

9 दिनों तक रोजाना होंगे विभिन्न अनुष्ठान
मां दुर्गा को समर्पित शारदीय नवरात्र पर्व 11 अक्टूबर रविवार से शुरू हो चुका है।इस साल का शारदीय नवरात्र पर्व 9 दिनों का है।।शारदीय नवरात्र में 9 दिनों तक मां शैल पुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी। इस बार माता हाथी पर सवार होकर आई हैं।देवी पुराण के अनुसार हाथी को ज्ञान और समृद्धि का कारक माना गया है।

प्रमुख पर्व है नवरात्र
आपको बताए कि हिंदू धर्मावलंबियों के प्रमुख पर्वो में से एक शारदीय नवरात्र पर्व की शुरुवात 11 अक्टूबर से हुई है। इस पर्व विशेष पर जिला मुख्यालय सहित अन्य तहसील व ग्रामीण अंचलों में हिंदू धर्मावलंबियों द्वारा 9दिनों तक माता रानी के 9 रूपो की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी।शक्ति की भक्ति के इस महापर्व शारदीय नवरात्र में विभिन्न माता मंदिरो में अखंड ज्योति कलश, ज्वारे स्थापना, महा आरती, हवन-पूजन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान के आयोजन किए जाएंगे। जिसकी शुरुवात पहले ही दिन से हो चुकी है।धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां दुर्गा को शक्ति का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि नवरात्रि में विधि पूवर्क पूजा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है और कष्ट, रोग, शत्रु से मुक्ति मिलती है।जिसको लेकर सोमवार को सुबहा से लेकर देर रात तक नगर सहित जिले के तमाम माता मन्दिरो में भक्तों का जनसैलाब देखने को मिला।

माँ चन्द्रघण्टा स्वरूप की पूजा आज
शारदीय नवरात्र के दूसरे दिन सोमवार को माता रानी के द्वितीय स्वरूप मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की गई।शास्त्रों के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना करने से सर्व सिद्धि की प्राप्ति होती है।इसी वजह से मां के इस द्वितीय स्वरूप की पूजा अर्चना के लिए भक्तों में खासा उत्साह देखा गया।इसी क्रम में मंगलवार को माता रानी के तीसरे स्वरूप माँ चन्द्रघण्टा की पूजा की जाएगी जिसको लेकर भक्तो में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है।

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