BHIM UPI चलाने के लिए नहीं होगी स्मार्टफोन की जरूरत, फीचर फोन से ही कर पाएंगे ऑनलाइन पेमेंट

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भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी एनपीसीआई भीम सर्विसेज लि. भीम ऐप की पहुंच को फीचर फोन तक बढ़ाने को लेकर काम कर रही है। इस पहल का मकसद बाजार हिस्सेदारी को दोगुना करने के साथ वित्तीय समावेश को बढ़ाने और वित्तीय उत्पाद वितरण के माध्यम से राजस्व में विविधता लाना है। कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने यह बात कही।

कंपनी की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ललिता नटराज ने कहा कि वित्तीय समावेश और राजस्व विविधीकरण पर केंद्रित एक व्यापक विकास रणनीति अपनाकर, कंपनी एक ’रेफरेंस ऐप’ से एक प्रमुख बाजार प्रतिस्पर्धी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने एक रूपरेखा प्रस्तुत की जिसमें वित्तीय उत्पादों के वितरण के लिए बैंकों के साथ साझेदारी करना और व्हाइट-लेबलिंग रणनीति के माध्यम से भीम की तकनीक को बैंक मोबाइल एप्लिकेशन में एकीकृत करना शामिल है।क्या है व्हाइट लेबल रणनीति

व्हाइट लेबल रणनीति एक ऐसा व्यावसायिक मॉडल है जिसमें एक कंपनी किसी उत्पाद या सेवा का निर्माण करती है, लेकिन दूसरी कंपनी उसे खरीदकर अपने ब्रांड नाम से बेचती है। भीम ऐप को मूल रूप से यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) सुविधाओं के परीक्षण के लिए पेश किया गया था, लेकिन लगभग डेढ़ साल पहले एनपीसीआई भीम सर्विसेज लि. के गठन ने इसकी पहचान में एक महत्वपूर्ण बदलाव ला दिया।

नटराज ने कहा, ’’इसे शुरू में एक संदर्भ ऐप के रूप में पेश किया गया था…। लेकिन 2024 में, हमने महसूस किया कि ऐप का विकसित होना महत्वपूर्ण है। इसे एक अलग पहचान देना जरूरी है…। अब लक्ष्य ऐप को बाजार में किसी भी अन्य प्रतिस्पर्धी ऐप के बराबर बनाना है।’’

ऑनलाइन पेमेंट में 301 प्रतिशत की वृद्धि

ऐप ने वित्त वर्ष 2025-26 में वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में कुल लेनदेन मात्रा में 301 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। इसमें मासिक लेनदेन संख्या बढ़कर मार्च, 2026 में 21.6 करोड़ हो गई जो अप्रैल, 2025 में 5.93 करोड़ थी। यह गति वित्त वर्ष 2026-27 में भी जारी है। अप्रैल, 2026 में 26,040 करोड़ रुपये के मूल्य के 22.49 करोड़ लेनदेन दर्ज किए गए।

मई, 2026 तक, भीम के लगभग 1.2 करोड़ मासिक सक्रिय लेनदेन उपयोगकर्ता और 1.6 करोड़ मासिक लॉगिन उपयोगकर्ता हैं। यह ऐप फिलहाल बांग्ला समेत 15 भाषाओं में उपलब्ध है और दो-तीन और भाषाएं जोड़ने का काम जारी है। इसे कम बैंडविड्थ के लिए अनुकूलित किया गया है, ताकि खराब ’नेटवर्क संपर्क’ वाले क्षेत्रों के उपयोगकर्ता भी इसका उपयोग कर सकें। कंपनी अगले कुछ महीनों में ऐप की पहुंच फीचर फोन तक बढ़ाने के लिए साझेदारों के साथ भी काम कर रही है।

नटराज ने कहा, ‘हम कुछ फोन विनिर्माताओं के साथ मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसे फीचर फोन में भी कैसे उपलब्ध कराया जा सकता है।’ उन्होंने बाजार हिस्सेदारी के बारे में कहा कि भीम ने निकट भविष्य में अपनी मौजूदा लगभग एक प्रतिशत हिस्सेदारी को बढ़ाकर 1.5 से दो प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है।

नटराज ने कहा, ‘भीम पेमेंट्स ऐप की मजबूत वृद्धि देश भर में उपयोगकर्ताओं के उस बढ़ते भरोसे को दर्शाती है जो एक सरल, सुरक्षित और आम लोगों के लिए निर्मित भुगतान मंच पर है। पश्चिम बंगाल में, हम किराने का सामान और भोजन से लेकर आवागमन और ऑनलाइन खरीदारी तक, रोजमर्रा के उपयोग के कई मामलों में इस ऐप को अपनाते हुए देख रहे हैं।’

राजस्व के बारे में नटराज ने कहा कि चूंकि भीम एक सार्वजनिक रूप से जन केंद्रित इकाई के रूप में काम करता है और यूपीआई लेनदेन पर सुविधा शुल्क नहीं लेता है, इसलिए कंपनी बैंकों के साथ साझेदारी में वितरण-आधारित मॉडल विकसित कर रही है। उन्होंने कहा, ‘हम वित्तीय उत्पादों के वितरण के लिए विभिन्न बैंकों के साथ भी काम कर रहे हैं ताकि दीर्घकाल में हम आत्मनिर्भर हो सकें।’

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