Share Market Closing Bell : भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को एक बार फिर उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखा। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 77,803.18 के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन आखिरी घंटों में तेज मुनाफावसूली के चलते करीब 700 अंक फिसल गया। हालांकि, अंत में बाजार हरे निशान में बंद होने में सफल रहा। सेंसेक्स 109.25 अंक (0.14%) की बढ़त के साथ 77,100.47 पर और निफ्टी 34.35 अंक (0.14%) चढ़कर 24,056.00 पर बंद हुआ।
क्यों आई गिरावट?
बाजार में पिछले दो कारोबारी सत्रों के दौरान जोरदार तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स करीब 1,700 अंक और निफ्टी लगभग 2% चढ़ चुका था। ऐसे में ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार अपनी ऊपरी बढ़त कायम नहीं रख सका। सेंसेक्स दिन के उच्च स्तर 77,803.18 से फिसलकर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 24,261.60 के हाई से नीचे आ गया। अगर आज (25 जून) की गिरावट की असली ट्रिगर वजह देखें, तो घरेलू कारणों से ज्यादा ग्लोबल मैक्रो अनिश्चितता जिम्मेदार रही। निवेशक अमेरिका के PCE महंगाई (Inflation) डेटा, अमेरिकी जॉब्स और ब्याज दरों के संकेत, साथ ही यूरोप के आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। मजबूत डॉलर और इस आशंका कि महंगाई उम्मीद से ज्यादा रह सकती है तथा फेड आगे भी सख्त रुख अपना सकता है, ने ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली को बढ़ावा दिया।
मेटल और ऑयल शेयरों ने बिगाड़ा खेल
गिरावट की सबसे बड़ी वजह मेटल और ऑयल-गैस शेयर रहे। निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.37% टूटकर दिन का सबसे कमजोर सेक्टोरल इंडेक्स रहा। हिंदुस्तान जिंक में 3% से ज्यादा गिरावट आई, जबकि वेदांता और नाल्को जैसे शेयरों में भी भारी बिकवाली रही। दूसरी ओर, कच्चे तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तरों के आसपास आने के बाद ओएनजीसी, ऑयल इंडिया, कोल इंडिया और पावर ग्रिड जैसे शेयरों पर भी दबाव बना रहा।
टेक्निकल स्तर भी बने दबाव की वजह
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में नई खरीदारी के लिए निफ्टी का 24,200-24,250 के ऊपर टिकना जरूरी है। चूंकि सूचकांक इस स्तर के ऊपर बंद नहीं हो सका, इसलिए आखिरी घंटे में बिकवाली बढ़ गई। फिलहाल 23,800 के आसपास मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
बाजार की ब्रेड्थ हुई कमजोर
बाजार में तेजी के बावजूद व्यापक भागीदारी नहीं दिखी। 1,544 शेयरों में बढ़त रही, जबकि 2,488 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इससे साफ है कि चुनिंदा बड़े शेयरों ने बाजार को संभाले रखा, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रहा।
सेक्टोरल तस्वीर
ऑटो शेयरों में सबसे मजबूत खरीदारी रही और निफ्टी ऑटो 2.25% चढ़ा। वहीं आईटी, मेटल, ऑयल एंड गैस, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और केमिकल सेक्टर में बिकवाली देखने को मिली। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांक भी करीब आधा फीसदी तक कमजोर रहे।










































