EPS Explained : कैसे तय होती है प्राइवेट कर्मचारियों की पेंशन, कितने साल में मिलेगी कितनी रकम?

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EPS Private Sector Employee Pension Formula : सरकारी नौकरी में खासतौर पर ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) में पेंशन का हिसाब सीधा रहता है, इसमें अक्सर कर्मचारी के आखिरी महीने वेतन के आधार पर पेंशन तय होती है। लेकिन, प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन का हिसाब थोड़ा पेचीदा है। अगर कर्मचारी कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS के दायरे में है, तो पेंशन मुख्य रूप से दो चीजों पर निर्भर करती है। पहली, पेंशन योग्य वेतन और दूसरी पेंशन योग्य सेवा। इन दो आधार पर तय होता है कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने कितनी रकम पेंशन के तौर पर मिलेगी।

EPS में कितना है पेंशन योग्य वेतन?

सरकारी कर्मचारियों को पेंशन उनको मिलने वाल लगभग पूरे वेतने के आधार पर मिलती है। लेकिन, प्राइवेट कर्मचारियों के लिए EPFO ने फिलहाल पेंशन योग्य वेतन सीमा 15000 रुपये तय कर रखी है। इसका मतलब है कि अगर किसी प्राइवेट कर्मचारी का वेतन 15,000 से ज्यादा है। लेकिन, उसने ज्यादा पेंशन का विकल्प चुनकर EPS कटौती नहीं बढ़ाई है, तो उसे 15,000 रुपये की सीमा के आधार पर ही पेंशन दी जाएगी।

EPS पेंशन का क्या है फॉर्मूला?

EPS में मासिक पेंशन निकालने का फॉर्मूला है: मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70। यहां पेंशन योग्य वेतन आम तौर पर नौकरी के आखिरी 60 महीनों के औसत पेंशन योग्य वेतन के आधार पर तय होता है। वहीं, पेंशन योग्य सेवा का मतलब उस अवधि से है, जिसके दौरान कर्मचारी ने EPS के तहत योगदान किया है। मिसाल के तौर पर अगर किसी कर्मचारी का पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 है और उसकी पेंशन योग्य सेवा 20 साल है, तो सामान्य फॉर्मूले के मुताबिक पेंशन होगी: ₹15,000 × 20 ÷ 70 = ₹4,286 प्रति माह।10 साल नौकरी पर कितनी पेंशन?

EPS के तहत मासिक पेंशन के लिए सामान्य तौर पर कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा जरूरी होती है। हालांकि, 10 साल सेवा पूरी होने का मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को एक ही रकम मिलेगी। पेंशन योग्य वेतन और सेवा अवधि के आधार पर रकम अलग होगी। अगर ₹15,000 को पेंशन योग्य वेतन मानें, तो सामान्य फॉर्मूले के हिसाब से अलग-अलग सेवा अवधि में पेंशन की रकम कितनी होगी इसे नीचे दी गई टेबल में चेक किया जा सकता है।

पेंशन योग्य सेवासामान्य गणना के आधार पर मासिक पेंशन
10 सालकरीब ₹2,143
15 सालकरीब ₹3,214
20 सालकरीब ₹4,286
25 सालकरीब ₹5,357
30 सालकरीब ₹6,429
35 साल₹7,500

यह एक सामान्य गणना है। वास्तविक पेंशन में सेवा अवधि, लागू नियम और अतिरिक्त सेवा वेटेज जैसे प्रावधानों का असर पड़ सकता है।

20 साल की नौकरी पर एक फायदा

EPS के नियमों में 20 साल या उससे अधिक की पेंशन योग्य सेवा पूरी करने वाले सदस्य के लिए पेंशन की गणना में अतिरिक्त 2 साल का वेटेज दिया जाता है। इसलिए सिर्फ सामान्य फॉर्मूले से निकली रकम को अंतिम पेंशन मानना सही नहीं होगा। मसलन, किसी कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा 20 साल पूरी हो गई है, तो गणना में अतिरिक्त सेवा वेटेज लागू हो सकता है। इसी वजह से लंबी नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए पेंशन का हिसाब कुछ अलग बन सकता है।

ज्यादा सैलरी पर ज्यादा पेंशन कैसे लें?

अगर किसी कर्मचारी की वास्तविक सैलरी ₹30,000, ₹40,000 या ₹50,000 है, लेकिन वह सामान्य EPS नियमों के तहत ₹15,000 की वेतन सीमा में आता है, तो EPFO की हायर पेंशन स्कीम को चुनकर ज्यादा कटौती कराते हुए ज्यादा पेंशन पा सकता है। हालांकि, इसमें पात्रता के कुछ नियम हैं, जिनके आधार पर ही ज्यादा पेंशन मिल सकती है।

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