Flydubai हादसा: कॉकपिट हमले के बाद को-पायलट ने की थी विमान का इंजन बंद करने की कोशिश, ऑटोपायलट सिस्टम भी हटाया!

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को-पायलट, जिसकी पहचान हमाम अल-हमामी (Hamam al-Hammami) के रूप में हुई है, उसने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar) पर कॉकपिट में रखी क्रैश कुल्हाड़ी से कई बार हमला किया।lydubai flight incident- फ्लायदुबई (flydubai) की तेल अवीव जाने वाली उड़ान के दौरान पायलट पर हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हमामी ने विमान को सऊदी के रेगिस्तान में क्रैश करने की कोशिश की होगी। इटैलियन समाचार पत्र Corriere della Sera की जांच और Ynet News की रिपोर्ट के अनुसार, जब हमाम को जब लगा कि यात्री विमान का नियंत्रण हासिल करने के उसके प्रयास को नाकाम कर देंगे, तब उसने विमान को नीचे गिराने का प्रयास किया।

कॉकपिट में हमला

को-पायलट, जिसकी पहचान हमाम अल-हमामी (Hamam al-Hammami) के रूप में हुई है, उसने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar) पर कॉकपिट में रखी क्रैश कुल्हाड़ी से कई बार हमला किया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन ने इमरजेंसी स्विच दबाकर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू मेंबर्स को अंदर आने का मौका मिला।

ऑटोपायलट सिस्टम को हटा दिया

अपनी योजना विफल होते देख सह-पायलट ने ऑटोपायलट (Autopilot) सिस्टम को हटा दिया और बोइंग 737 के कंट्रोल्स को तेजी से आगे की ओर धकेल दिया। इससे विमान एक मिनट से भी कम समय में लगभग 16,000 फीट नीचे गिर गया।इंजन बंद करने की आशंका

रिपोर्ट में एक नई संभावना जताई गई है कि हमलावर ने विमान के इंजन की ईंधन आपूर्ति को बंद करने का प्रयास किया था। विमान के अंदर रिकॉर्ड किए गए वीडियो की समीक्षा करने वाले दो बोइंग 737 कैप्टनों ने पाया कि उड़ान के दौरान पैसेंजर केबिन की इमरजेंसी लाइटें अचानक चालू हो गई थीं, जो आमतौर पर इंजन की पावर कट होने का संकेत देती हैं।

जांच एजेंसियां अब फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और वीडियो फुटेज की मदद से इस बात की पुष्टि करने में जुटी हैं कि क्या सह-पायलट ने वाकई इंजन बंद कर दिए थे या यह अचानक आई तकनीकी गड़बड़ी थी।

दुनिया की नजरों में हीरो बने कैप्टन स्मित

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइदुबाई की उड़ान में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के अदम्य साहस और बहादुरी की गूंज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। इस साहसिक घटनाक्रम के बाद वैश्विक नेताओं की ओर से उन्हें हीरो बताया जा रहा है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित को हीरो बताते हुए कहा कि खुद गंभीर रूप से घायल होने और चाकू लगने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोलकर यात्रियों को हमलावर को दबोचने का मौका दिया। नेतन्याहू ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कैप्टन स्मित ने इजराइली नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाकर मिड-एयर में 9/11 जैसी एक भीषण त्रासदी और तबाही को टाल दिया। वहीं, पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित की सूझबूझ और कर्तव्यनिष्ठा को सलाम किया। पीएम ने कैप्टन स्मित के परिजनों से भी बात की। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित की सूझबूझ से 9-11 जैसे हमला टल गया। अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित की तारीफ करते हुए उन्हें अभूतपूर्व हिम्मत का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि कॉकपिट में इस तरह के हमले के बावजूद विमान को नियंत्रण में रखना और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करना एक असाधारण उपलब्धि है।

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