देश में नई आईटी पॉलिसी लागू होने के बाद गूगल और फेसबुक ने अपनी पहली रिपोर्ट पेश कर दी है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने इसे पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम बताया है। मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि IT नियमों के तहत गूगल, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया मंचों द्वारा आपत्तिजनक पोस्ट स्वत: हटाने पर अपनी पहली अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना सराहनीय कदम है। नए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों के तहत 50 लाख से अधिक यूजर्स वाले सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को हर माह अनुपालन रिपोर्ट प्रकाशित करना अनिवार्य है, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म कंपनी को मिली शिकायतों और उन पर की गई सभी कार्रवाई का उल्लेख होना जरूर है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खुद किया ट्विट
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने खुद ट्विट करके इस बारे में जानकारी दी है। प्रसाद ने ट्विट में लिखा है कि ‘‘गूगल, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे महत्वपूर्ण सोशल मीडिया मंचों को नए IT नियमों का पालन करते देखना सुखद है। इन कंपनियों के द्वारा नए IT नियमों के अनुसार आपत्तिजनक पोस्ट को स्वत: हटाने पर पहली अनुपालन रिपोर्ट का प्रकाशन पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है’’
फेसबुक को 3 करोड़ और गूगल को मिली 27 हजार से ज्यादा शिकायत
फेसबुक ने पहली मासिक अनुपालन रिपोर्ट में बताया है कि देश में 15 मई से 15 जून के बीच उल्लंघन की 10 कैटेगिरी में 3 करोड़ से अधिक सोशल मीडिया पर कार्रवाई की। साथ ही इंस्टाग्राम ने इस समयावधि में नौ कैटेगिरी में करीब 20 लाख पोस्ट, तस्वीर, वीडियो और टिप्पणी आदि पर कार्रवाई की। इसके अलावा गूगल ने बताया कि उसे और यूट्यूब को इस साल अप्रैल में भारत के उपयोगकर्ताओं से 27,762 शिकायतें स्थानीय कानूनों या निजी अधिकारों के कथित हनन की मिली थीं और 59350 पोस्ट, तस्वीर, वीडियो और टिप्पणी आदि को हटाया।
Twitter पर बढ़ सकता है दबाव
फेसबुक और इंस्टाग्राम के द्वारा जारी पहली रिपोर्ट के बाद Twitter पर इस मामले में दबाव बढ़ सकता है। गौरतलब है कि Twitter और केंद्र सरकार में नई आईटी पॉलिसी को लेकर ठनी हुई है, लेकिन फेसबुक और इंस्टाग्राम द्वारा रिपोर्ट जारी करने के बाद ट्विटर पर दबाव बढ़ सकता है।










































