GST Collection: अक्टूबर में देश का कुल जीएसटी संग्रह 23% बढ़कर 2.31 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। मजबूत घरेलू गतिविधियों और आयात में वृद्धि से यह शानदार उछाल दर्ज किया गया है।follow usfollow us
GST Collection : देश के आर्थिक मोर्चे से एक बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर के महीने में देश का कुल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह सालाना आधार पर 23 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़त के साथ 2.31 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। सरकार द्वारा रविवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, घरेलू आर्थिक गतिविधियों में तेजी और आयात से मिलने वाले राजस्व में हुई मजबूत वृद्धि के चलते जीएसटी संग्रह में यह शानदार उछाल दर्ज किया गया है।
घरेलू बिक्री और आयात में जबरदस्त तेजी
आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर महीने के दौरान सिर्फ घरेलू बिक्री से होने वाला जीएसटी संग्रह 16 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.59 लाख करोड़ रुपये से अधिक दर्ज किया गया। इसके साथ ही, विदेशी आयात से प्राप्त होने वाले राजस्व में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 42 प्रतिशत की एक उल्लेखनीय और बड़ी छलांग देखने को मिली, जो बढ़कर 72,246 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि त्योहारी सीजन के दौरान बाजार में बढ़ी मांग और खपत ने घरेलू बिक्री को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है।
टैक्स का श्रेणी-वार वितरण और रिफंड की स्थिति
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक अक्टूबर के कुल 2.31 लाख करोड़ रुपये के जीएसटी संग्रह में विभिन्न टैक्स श्रेणियों का योगदान इस प्रकार रहा:-
- केंद्रीय जीएसटी (CGST): 42,935 करोड़ रुपये
- राज्य जीएसटी (SGST): 51,340 करोड़ रुपये
- एकीकृत जीएसटी (IGST): 1.37 लाख करोड़ रुपये से अधिक
इस अवधि के दौरान सरकार ने कारोबारियों को कर रिफंड भी जारी किया। जीएसटी रिफंड सालाना आधार पर 6.5 प्रतिशत बढ़कर 27,934 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, इस रिफंड राशि के समायोजन के बाद भी अक्टूबर महीने का शुद्ध जीएसटी संग्रह 26 प्रतिशत की शानदार वृद्धि के साथ 2.03 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो देश के मजबूत राजकोषीय स्वास्थ्य को दर्शाता है।
चालू वित्त वर्ष (2026-27) का अब तक का प्रदर्शन
अगर पूरे चालू वित्त वर्ष के शुरुआती महीनों यानी अप्रैल से अक्टूबर तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो देश का कुल सकल जीएसटी संग्रह 13.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 14.77 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। वहीं दूसरी ओर, रिफंड समायोजन के बाद इस पूरी अवधि का कुल शुद्ध जीएसटी संग्रह भी 13 प्रतिशत की ठोस बढ़त के साथ 12.69 लाख करोड़ रुपये के पार दर्ज किया गया है।
कुल मिलाकर, यह आंकड़े इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि देश में व्यापारिक गतिविधियां पटरी पर हैं और मजबूत कर अनुपालन तथा आर्थिक विस्तार के दम पर सरकारी खजाने में रिकॉर्ड आय आ रही है।






































