Kuno National Park: दशकों बाद कैमरे में कैद हुआ भारत का सबसे दुर्लभ शिकारी ‘कैराकल’, नुकीले कान और गजब की है रफ्तार

0

भोपाल: मध्य प्रदेश का कूनो नेशनल पार्क इन दिनों सिर्फ अफ्रीकी चीतों की वजह से ही नहीं, बल्कि भारत के अपने एक बेहद दुर्लभ और विलुप्तप्राय शिकारी जीव की वापसी को लेकर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आ गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर वन विभाग ने खुलासा किया है कि कूनो के जंगलों में दशकों बाद ‘कैराकल’ यानी कि सियाहगोश को कैमरा ट्रैप में रिकॉर्ड किया गया है। अपनी बेहद गुप्त जीवनशैली और इंसानी नजरों से ओझल रहने की आदत के कारण वन्यजीव विशेषज्ञ इसे ‘घास का भूत’ भी कहते हैं।हवा में उछलकर करता है पक्षियों का शिकार

कैराकल मुख्य रूप से अपने आकर्षक काले नुकीले कानों, मजबूत शारीरिक बनावट और हवा में उछलकर पक्षियों का शिकार करने की अपनी अद्भुत क्षमता के लिए जाना जाता है। एक समय में यह मध्य और पश्चिमी भारत के घास के मैदानों में बहुतायत में पाया जाता था, लेकिन लगातार सिमटते जंगलों और आवास की कमी के कारण यह भारत की सबसे लुप्तप्राय जंगली बिल्लियों की सूची में शामिल हो चुका है। ऐसे में कूनो में इसकी मौजूदगी मिलना इस बात का सीधा प्रमाण है कि यहां का पूरा इकोसिस्टम अब तेजी से सुधर रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here