NEET धांधली, CBSE विवाद और महंगाई पर आर-पार के मूड में कांग्रेस, खरगे-राहुल की बैठक में बड़ा फैसला, देशभर में होगा आंदोलन

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देश में परीक्षाओं की धांधली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ चौतरफा मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। गुरुवार को नई दिल्ली में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी के महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और राज्य इकाइयों के अध्यक्षों के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक की। इस बैठक में तय किया गया कि नीट पेपर लीक घोटाला, CBSE OSM मूल्यांकन विवाद और आसमान छूती महंगाई के खिलाफ पार्टी जल्द ही सड़क पर उतरकर एक बड़ा देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस का यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन जून के अंत से शुरू होकर अगले दो से तीन महीनों तक लगातार चलेगा।

करोड़ों युवाओं का भरोसा टूटा, राहुल गांधी ने उठाई आवाज: मल्लिकार्जुन खरगे

बैठक की अध्यक्षता कर रहे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर पोस्ट साझा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज देश के सामने महंगाई, बेरोजगारी, परीक्षा घोटाले और सामाजिक असमानता जैसी गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं।

खरगे ने युवाओं की चिंताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि “NEET और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था से जुड़े हालिया विवादों ने देश के करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों का विश्वास पूरी तरह हिला कर रख दिया है। राहुल गांधी ने स्वयं प्रभावित छात्रों और पीड़ितों से मुलाकात की है और उनकी आवाज को पूरे देश के सामने मजबूती से रखा है। दुर्भाग्य से, जिन संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को बनने में दशकों लगे, उन्हें आज जानबूझकर कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसलिए हमारी जिम्मेदारी केवल राजनीतिक संघर्ष की नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करने की भी है।”मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कानूनी जंग का ऐलान

यह महत्वपूर्ण बैठक ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निर्वाचन अधिकारी द्वारा रद्द किए जाने को लेकर भारी राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। भाजपा की ओर से हलफनामे में एक पुराने अदालती नोटिस की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद उनका पर्चा खारिज कर दिया गया। कांग्रेस ने इस फैसले को ‘लोकतंत्र की हत्या’ करार देते हुए साफ कर दिया है कि वह इस मामले में पीछे नहीं हटेगी। पार्टी मीनाक्षी नटराजन के नामांकन को रद्द किए जाने के खिलाफ कोर्ट का रुख अपनाते हुए कानूनी लड़ाई तो लड़ेगी ही, साथ ही इस मुद्दे पर सड़कों पर राजनीतिक संघर्ष भी तेज करेगी।

10 जनपथ पर राहुल-अभिषेक बनर्जी की मुलाकात

एक तरफ जहां कांग्रेस अपने दम पर जन-आंदोलन की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ ब्लॉक के भीतर भी एकजुटता को मजबूत करने के प्रयास तेज हो गए हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर चल रहे अंदरूनी राजनीतिक घटनाक्रमों के बीच, बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने ’10 जनपथ’ पर एक अहम मुलाकात की। यह बैठक टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के बीच हुई मुलाकात के ठीक अगले दिन हुई, जिसमें दोनों दलों ने आपसी तालमेल को और बेहतर करने पर सहमति जताई थी।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा विपक्ष

बैठक में नेताओं ने याद दिलाया कि इसी हफ्ते ‘INDIA’ ब्लॉक के सदस्य दलों ने एक सुर में बैठक कर परीक्षाओं में हुई इस ऐतिहासिक धांधली के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की थी। विपक्षी दलों ने तय किया है कि वे इस पूरे परीक्षा घोटाले और वोटों की कथित हेरफेर को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को एक संयुक्त पत्र भी लिखेंगे। साफ है कि आने वाले महीनों में संसद से लेकर सड़क तक केंद्र सरकार को घेरने के लिए विपक्ष ने अपनी पूरी रणनीति तैयार कर ली है।

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