Success Story of Vibhor and Ishita Jain: राजस्थान के विभोर जैन और उनकी पत्नी इशिता ने अपनी कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर बिल्कुल अलग ट्रैक पर चलने का फैसला किया। उनका यह दांव सही साबित हुआ। अपने काम से आज दोनों करोड़ों की कमाई कर रहे हैं।नई दिल्ली: यह कहानी विभोर जैन और उनकी पत्नी इशिता की है। वे जयपुर के रहने वाले हैं। इस पढ़े-लिखे कपल ने कॉर्पोरेट जॉब छोड़कर बिल्कुल अलग ट्रैक पकड़ लिया। जयपुर से करीब 35 किमी दूर उनका ‘किनाया ऑर्गेनिक फार्म्स’ आज सस्टेनेबल फार्मिंग और पशुपालन का बेहतरीन उदाहरण बन चुका है। 2018 में शुरू हुए इस फार्म में आज 100 गिर गायें हैं। रोजाना यहां से 250–300 लीटर A2 मिल्क और 9 लीटर शुद्ध बिलौना घी तैयार होता है। यह कपल इस फार्म से सालाना 2.4 करोड़ रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहा है। आइए, यहां विभोर और इशिता की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।विभोर ने बेंगलुरु से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। वहीं, उनकी पत्नी इशिता ने नागपुर से बीटेक और पुणे से एमबीए कर रखा है। विभोर 9-टू-5 की ढर्रे वाली नौकरी नहीं करना चाहते थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘मैं बिल्कुल क्लीयर था कि मुझे 9-टू-5 की कॉर्पोरेट जॉब नहीं करनी।’ जब उनके परिवार ने घर पर दो गायें रखीं तो विभोर की दिलचस्पी देसी गिर गायों की नस्ल में जगी। उन्होंने देखा कि देश में 100% शुद्ध गिर गायों की संख्या घट रही है। 2017 में विभोर ने गुजरात के काठियावाड़ का दौरा किया। पीढ़ियों से गाय पालने वालों से पशुपालन के गुर सीखे। उन्होंने पाया कि इनके पास बेहतरीन नस्ल की गायें तो हैं, लेकिन शहरी बाजारों तक पहुंच नहीं है। इसके कारण वे दूध और घी कौड़ियों के भाव बेचने को मजबूर थे। विभोर ने इसी कमी को अवसर में बदला। 2018 में जयपुर के पास पट्टे पर जमीन लेकर 20 गिर गायों साथ शुरुआत की।









































