‘अगर कोई रिश्वत मांगे तो मुझे बताएं’… भ्रष्टाचार पर तमिलनाडु CM विजय का बयान हो रहा वायरल

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने हाल ही में भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया और कहा कि उनके राज्य में भ्रष्टाचार, रिश्वत लेने या सत्ता का गलत इस्तेमाल करने वाले किसी भी व्यक्ति को ऐसी हरकतें जारी रखने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।करूर में एक रैली को संबोधित करते हुए, विजय ने लोगों से अपील की कि अगर कोई रिश्वत मांगे तो वे देने से इनकार कर दें। लोगों को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उनके साथ हैं और उनसे कहा कि जब कोई रिश्वत मांगे तो वे मज़बूती से ‘नहीं’ कहें।

उन्होंने रैली में कहा, ‘जब कोई आपसे रिश्वत मांगे, तो उन्हें सीधे कह दें कि आप नहीं देंगे। मैं आपके साथ रहूंगा। उसके बाद भी अगर कोई आप पर दबाव डाले, तो उनसे कहें, ‘हमारा बेटा, हमारा भाई, हमारा विजय इस राज्य पर राज कर रहा है।’ उन्हें बहुत मज़बूती से कहें।’ उनकी इस बात पर लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं और उनका उत्साह बढ़ाया।

DMK ने विजय पर हमला बोला

DMK के सीनियर नेता टी.के.एस. इलांगोवन ने विजय सरकार पर रिश्वत लेने का आरोप लगाया। पिछली DMK सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों का जवाब देते हुए, मंत्री ने TVK के अंदरूनी मतभेदों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि विजय की पार्टी के एक वकील ने मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि एक सीनियर नेता और जनरल सेक्रेटरी ने पार्टी के वकीलों की नियुक्ति के लिए 1 लाख से 20 लाख तक की रिश्वत ली। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, इलांगोवन ने कहा, ‘ये आरोप हमने नहीं लगाए हैं; उनकी ही पार्टी के एक वकील कोर्ट गए थे। अगर आप इस बारे में विजय से पूछें, तो शायद उनके पास इसका जवाब हो।’

विजय ने पुलिस को जिम्मेदार ठहराया

वहीं भगदड़ में मारे गए लोगों पर गहरा दुख जताते हुए, विजय ने इतनी बड़ी भीड़ के लिए पर्याप्त सुरक्षा न देने पर पुलिस की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि करूर में हुए कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटने के बावजूद पुलिस ने उन्हें कोई चेतावनी नहीं दी थी। विजय ने कहा, ‘नमक्कल की मीटिंग खत्म करने के बाद जब हम करूर आ रहे थे, तो क्या करूर पुलिस हमें आगाह नहीं कर सकती थी? अगर उन्हें लगता कि भीड़ को काबू नहीं किया जा सकता, तो वे मीटिंग रद्द कर सकते थे। उन्हें ऐसा करने का पूरा अधिकार था। इसके बजाय, वे हमें वेन्यू तक ले आए। मैंने उन पर पूरा भरोसा किया और उस दिन पुलिस अधिकारियों का शुक्रिया भी अदा किया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी त्रासदी होगी।’ इस कार्यक्रम के इंतज़ाम पर सवाल उठाते हुए विजय ने पूछा, ‘इन सबके लिए कौन जिम्मेदार है? आदेश किसने दिए? लोगों, मैं आपसे पूछता हूं, क्या इतनी बड़ी भीड़ के लिए पुलिस की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी?’

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