अब कोई सीजफायर नहीं, युद्ध का होना चाहिए स्थायी अंत, बोले ईरानी विदेश मंत्री अराघची

0

फारस की खाड़ी की सुरक्षा पर बात करते हुए अराघची ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा केवल सैन्य पहलुओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें सामूहिक रूप से आर्थिक आयाम भी शामिल होने चाहिए।Iran US War: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने मंगलवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान अब संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किसी भी तरह के अस्थाई युद्धविराम को स्वीकार नहीं करेगा। उनका कहना है कि पिछले लगभग छह महीनों से चले आ रहे इस तनाव और युद्ध का अब स्थायी अंत होना चाहिए। अर्ध-सरकारी मीडिया एजेंसी ‘फार्स न्यूज एजेंसी’ को दिए इंटरव्यू में ईरान के विदेश मंत्री ने कई दावे किए।

अस्थाई युद्धविराम से इंकार

अराघची ने मध्यस्थों को स्पष्ट संदेश दिया है कि ईरान केवल समय काटने या कुछ दिनों के लिए युद्ध रोकने वाले समझौते के पक्ष में नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा, हमने मध्यस्थों से कहा है कि हम युद्धविराम स्वीकार नहीं करेंगे; यह युद्ध इस तरह से समाप्त होना चाहिए कि यह भविष्य में दोबारा न हो। फारस की खाड़ी की सुरक्षा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा केवल सैन्य पहलुओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें सामूहिक रूप से आर्थिक आयाम भी शामिल होने चाहिए।

इस बयान का क्या अर्थ और प्रभाव है?

ईरान अब केवल लड़ाई को कुछ वक्त के लिए टालने के बजाय ऐसा अंतिम और बाध्यकारी समझौता चाहता है जो उसके खिलाफ हो रही सैन्य कार्रवाइयों और प्रतिबंधों को हमेशा के लिए समाप्त कर सके। ‘सामूहिक और आर्थिक सुरक्षा’ की बात करके ईरान यह संकेत दे रहा है कि खाड़ी के सभी देशों का व्यापार और अर्थव्यवस्था तभी सुरक्षित रह सकते हैं जब सभी देश मिलकर सुरक्षा ढांचा तैयार करें और किसी बाहरी शक्ति (जैसे अमेरिका) का हस्तक्षेप कम हो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here