12 साल से बिजली का इंतजार, ग्राम पंचायत बिठली के ग्राम दुगलई का मामला
पोल खड़े, तार गायब, टॉर्च की रोशनी बनी ग्रामीणों का सहारा
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पदमेश न्यूज़ | बालाघाट।आजादी के 80 बरस बाद भी बालाघाट जिले के आदिवासी अंचलों में रहने वाले ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। विकास के तमाम दावों के बीच बैहर क्षेत्र का एक गांव ऐसा भी है, जहां पिछले 12 वर्षों से बिजली नहीं पहुंची है। गांव में बिजली के पोल तो खड़े हैं, लेकिन घरों तक करंट नहीं पहुंच रहा। शाम ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है और ग्रामीणों के लिए टॉर्च ही रोशनी का एकमात्र सहारा बन जाती है।यह मामला ग्राम पंचायत बिठली के अंतर्गत आने वाले दुगलई गांव का है। पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसे इस गांव के ग्रामीण लंबे समय से बिजली व्यवस्था बहाल होने की राह देख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विद्युत विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को शिकायत और आवेदन दिए गए, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। अब हालात यह हैं कि बिजली के पोल कहीं झुके हुए हैं तो कहीं तार टूटे पड़े हैं।
पंचायत से 17 किलोमीटर दूर, जंगल के बीच बसा गांव
दुगलई गांव ग्राम पंचायत बिठली से करीब 17 किलोमीटर दूर घने जंगल और पहाड़ियों के बीच बसा है। पंचायत तक पहुंचने के लिए ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। जंगल और रास्ते की कठिन परिस्थितियों के कारण देर शाम से पहले ही वापस लौटना ग्रामीणों की मजबूरी बन जाता है।उधर दुगलई के ग्रामीणों को अब आश्वासन नहीं, बिजली की स्थायी व्यवस्था का इंतजार है। विभाग ने तार चोरी होने की बात कही है और दोबारा तार लगाने के लिए स्टीमेट तैयार होने का दावा किया है। अब देखना यह है कि 12 साल का अंधेरा आखिर कब खत्म होता है।
12 साल से अंधेरे में गांव
दुगलई में करीब 34 मकान और लगभग 450 की आबादी बताई जा रही है। गांव में बिजली के खंभे लगाए गए थे, लेकिन लंबे समय से विद्युत आपूर्ति बंद है। ग्रामीणों के मुताबिक पिछले 12 वर्षों में कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस समस्या की ओर आकर्षित कराया गया, मगर व्यवस्था जस की तस बनी हुई है।
टॉर्च की रोशनी बनी जिंदगी का सहारा
बिजली नहीं होने के कारण शाम होते ही ग्रामीण अपने घरों में सिमटने को मजबूर हो जाते हैं। घरेलू कामकाज से लेकर बच्चों की पढ़ाई तक टॉर्च की रोशनी में करनी पड़ती है। जंगल क्षेत्र होने के कारण रात में जहरीले जीव-जंतुओं और वन्यजीवों का खतरा भी बना रहता है।
अंधेरा ही नहीं, आवास का भी संकट
दूरस्थ वनांचल में बसे इस गांव के कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी नहीं मिल पाया है। ग्रामीण आज भी झोपड़ियों में जीवन गुजारने को मजबूर हैं। रोजगार और आजीविका के लिए अधिकांश ग्रामीण जंगल से मिलने वाली वनोपज पर निर्भर हैं।
एक नजर में दुगलई की समस्या
12 साल से गांव में बिजली गुल
34 मकान, करीब 450 की आबादी
17 किलोमीटर दूर है ग्राम पंचायत बिठली
पोल लगे, लेकिन घरों तक करंट नहीं
बिजली के तार दो बार चोरी होने का विभाग का दावा
टॉर्च की रोशनी में गुजरती है रात
मोबाइल-टॉर्च चार्ज कराने दूसरे गांव जाना पड़ता है
बारिश में बढ़ जाती है ग्रामीणों की परेशानी
जंगल में वन्यजीव और जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा
कई परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित
वनोपज संग्रहण पर निर्भर है ग्रामीणों की आजीविका
कई शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ स्थायी समाधान
सवाल जो व्यवस्था से है
आजादी के 80 साल बाद भी क्या किसी गांव के ग्रामीणों को रोशनी के लिए टॉर्च पर निर्भर रहना पड़ेगा?
मोबाइल-टॉर्च चार्ज कराने दूसरे गांव जाना मजबूरी- ज्ञानसिंह
ग्रामीण ज्ञानसिंह ने बताया कि बिजली नहीं होने के कारण मोबाइल और टॉर्च चार्ज कराने के लिए रोजाना दूसरे गांव जाना पड़ता है। दिन में किसी तरह चार्जिंग कराने के बाद रात में उसी टॉर्च की रोशनी से घर का काम चलता है। सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दिनों में होती है, जब दूसरे गांव तक जाना भी मुश्किल हो जाता है।हम 12 साल से बिजली का इंतजार कर रहे हैं।
शिकायतों पर भी नहीं होती कार्यवाही- रूपलाल
पूर्व सरपंच रूपलाल मेरावी ने बताया कि दुगलई गांव में बिजली की समस्या को लेकर कई बार अधिकारी-कर्मचारियों से शिकायत की गई। इसके बावजूद विभाग ने ध्यान नहीं दिया। करीब 12 साल से गांव में बिजली गुल है और ग्रामीण टॉर्च की रोशनी में अपना काम चलाने को मजबूर हैं।
बिजली के खंभे लगे, तार दो बार चोरी-उइके
दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान जेई विद्युत विभाग वीरेन्द्र सिंह उईके ने बताया कि दुगलई जंगल के अंदर बसा गांव है। यहां लगे खंभों के विद्युत तार दो बार चोरी हो चुके हैं। दोबारा तार लगाने के लिए स्टीमेट तैयार किया गया है। अधिकारियों के निर्देशन में जल्द ही तार लगाने का काम किया जाएगा।
शीघ्र बहाल कराएंगे बिजली- एसडीएम
मामले को लेकर नवागत एसडीएम अनीकेत शांडिल्य ने दूरभाष पर बताया कि उन्हें इस समस्या की जानकारी दी गई है। वे तत्काल संबंधित विभाग से संपर्क कर शीघ्र बिजली व्यवस्था बहाल कराने की कार्रवाई करेंगे।









































