‘नौ महीने से काम नहीं’, नई पोस्टिंग में भी सीनियर से खटपट, IAS निधि निवेदिता और नेहा मारव्या को सरकार ने फिर हटाया, कौन हैं दोनों?

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IAS Transfer: मध्य प्रदेश में एक बार फिर से आईएएस अधिकारियों के तबादले हुए हैं। इनमें सबसे अधिक चर्चा आईएएस अफसर नेहा मारव्या और निधि निवेदिता की है। कथित रूप से यह कहा जा रहा है कि सीनियर अधिकारियों के साथ टकराव के कारण वहां से दोनों को हटाया गया है।भोपाल: मध्य प्रदेश में शनिवार को फिर से प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। इस सूची में दो ऐसे आईएएस अधिकारियों के नाम हैं, जिनके विवादों की लंबी फेहरिस्त है। विवादों की वजह से दोनों हमेशा सुर्खियों में रहती हैं। बात कर रहे हैं सीनियर आईएएस अधिकारी निधि निवेदिता और नेहा मारव्या की है। दोनों को सरकार ने एक बार फिर से उनके विभागों से हटा दिया है। कथित रूप से दोनों अधिकारियों की उनके सीनियरों के साथ पटरी नहीं बैठ रही थी।नौ महीने से काम नहीं

2011 बैच की आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या पहली बार तब चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने एक पोस्ट किया था। दिसंबर 2024 में अफसरों की मीटिंग के दौरान नेहा मारव्या का दर्द छलक उठा था। उन्होंने कहा था कि 14 साल की नौकरी में मुझे कभी फिल्ड पोस्टिंग नहीं मिली। यही नहीं, उन्होंने यह भी लिखा था कि मैं राजस्व विभाग में उपसचिव हूं लेकिन नौ महीने से मेरे पास कोई काम नहीं है।

डिंडोरी की कलेक्टर बनीं

इस पोस्ट के बाद प्रशासनिक गलियारे में चर्चा तेज हो गई। इसके बाद जनवरी 2025 में उन्होंने फील्ड ड्यूटी मिल गई। आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या को डिंडोरी का कलेक्टर बनाया गया है। लेकिन वहां भी उनकी कार्यशैली विवादों में आ गई। स्थानीय नेताओं के साथ पटरी नहीं बैठ रही थी। आठ महीने बाद ही उन्हें कलेक्टर पद से हटा दिया गया है।मंत्रालय में भी विवादों में घिरीं

आईएएस अफसर नेहा मारव्या को आदिम जाति क्षेत्रीय विकास योजनाओं में संचालक बनाया गया। मगर यहां भी वह विवादों में घिर गईं। आरोप है कि आदिमजाति क्षेत्रों में पोषण बढ़ाने की योजना में नेहा ने निर्देश दिए थे वेरिफिकेशन के बाद ही मदद जारी करें। इसकी वजह से तीन महीने तक मदद नहीं पहुंची। कथित रूप से विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा ने जवाब मांगा तो बहस हो गई। फिर कर्मचारियों ने भी इनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

अब नई पोस्टिंग मिली

विवाद की बात सीएम मोहन यादव तक पहुंची। इसके बाद वहां से इनका ट्रांसफर हो गया। नेहा मारव्या को मध्य प्रदेश अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम का प्रबंध संचालक बनाया गया है।थप्पड़ कांड की वजह से सुर्खियों में रहीं

2012 बैच की आईएएस अफसर निधि निवेदिता भी कड़क मिजाज की वजह से सुर्खियों में रहती हैं। कमलनाथ की सरकार के दौरान निधि निवेदिता राजगढ़ जिले की कलेक्टर थीं। बीजेपी की तरफ से सीएए के समर्थन में रैली आयोजित की गई थी। इस रैली में उन्होंने बीजेपी के नेता को थप्पड़ जड़ दिया था। बाद में एक एएसआई को भी थप्पड़ मारने का वीडियो आया था सामने।

शिवराज की सरकार बनते ही गिरी गाज

मार्च 2020 में कमलनाथ की सरकार गिर गई। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने फिर से मध्य प्रदेश के सीएम बने थे। सीएम बनने के बाद उन्होंने अफसरों के ट्रांसफर किए, जिसमें निधि निवेदिता का भी नाम था। उसके बाद से उन्हें फील्ड ड्यूटी नहीं मिली है। मंत्रालय के ही अलग-अलग विभागों में उनकी पोस्टिंग रही हैसीनियर से टकराव की वजह से ट्रांसफर

आईएएस अफसर निधि निवेदिता अभी महिला एवं बाल विकास विभाग में थीं। पांच सितंबर 2026 को उनका तबादला राजस्व विभाग में हुआ है। साथ ही भू-अभिलेख एवं बंदोवस्त, ग्वालियर मध्य प्रदेश का अतिरिक्त प्रभाव दिया गया है। कथित रूप से यह कहा जा रहा है कि विभाग के सचिव जी. व्ही रश्मि के साथ उनका तालमेल नहीं था। कई बार विभागीय बैठकों में भी तल्खी सामने आई है।।

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