भावांतर योजना के भंवर को तोडऩे किसानों को सडक़ों पर उतरना पड़ेगा- रामकुमार नगपुरे

0

किसान गर्जना संगठन ने प्रेसवार्ता में उठाई किसानों की समस्याएं, नई नियुक्तियों की घोषणा

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर स्थित विश्रामगृह में ५ सितंबर की दोपहर लगभग १२.३० बजे किसान गर्जना संगठन द्वारा एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। यह वार्ता संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अरविंद चौधरी और जिलाध्यक्ष रामकुमार नगपुरे की विशेष उपस्थिति में शुरुआत की गयी। प्रेसवार्ता के प्रारंभ में संगठन का विस्तार करते हुए हरीश मराठे को वारासिवनी का ब्लॉक प्रभारी तथा रेश्मा कुमरे को महिला जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। दोनों पदाधिकारियों को विधिवत नियुक्ति पत्र सौंपकर संगठन को धरातल पर मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई। तत्पश्चात मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा धान की फ सल को भावांतर योजना में शामिल किए जाने के निर्णय पर तीखा आक्रोश व्यक्त कर इस नीति से प्रदेश के ३६ धान उत्पादक जिलों के किसानों को भारी वित्तीय नुकसान और समस्याओं को बताकर आरोप लगाया कि शासन की अव्यवस्थाओं और वादाखिलाफ ी के कारण अन्नदाता संकट में है। वहीं किसानों के विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। इस अवसर पर जिला महामंत्री ज्ञानप्रकाश उर्फ पप्पू पटेल, नंदकिशोर पंचेश्वर, अशोक लिल्हारे, हरीश मराठे, अजब सिंह कृपगये, रेशमा कुमरे और जयराम मानेश्वर सहित संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

सरकार हमेशा की तरह किसानों को छलने का काम कर रही है-रामकुमार नगपुरे

जिला अध्यक्ष रामकुमार नगपुरे ने प्रेस वार्ता में बताया कि हमारे द्वारा यह प्रेस वार्ता भावांतर योजना को लेकर आयोजित करवाई गई है। सरकार हमेशा की तरह किसानों को छलने का काम कर रही है इस बार वह किसान को भावांतर योजना के भवर में फ ंसाने का काम करने जा रही है। हमारे जिले में १८६ सेवा सहकारी समितियां हैं जहां पर धान खरीदी की जाती है एक केंद्र में दो महीने तक खरीदी चलती है फि र भी समय पर किसान चूक जाता है। यदि वारासिवनी कृषि उपज मंडी को देखे तो उसमें ३२ सोसायटी आती है क्या उतना धान वारासिवनी की मंडी में आ पाएगा समय पर खरीदी हो पाएगी संभव ही नहीं है। किसान इतना मोटा धान उगता है ६ महीने तक भी उसे बेचेंगे तो खरीदी खत्म नहीं होगी। आज के समय में किसान का उत्पादन बढ़ गया है यह किसान को बहुत बड़ी समस्या होने वाली है। हम चाहते हैं कि किसान की उपज पूर्व की तरह खरीदी की जाए और उन्हें समर्थन मूल्य ३१०० रुपए प्रति क्विंटल दो सरकार बनाने सरकार के प्रतिनिधियों और शीर्ष नेताओं के द्वारा मोदी की गारंटी के नाम से प्रचारित किया गया था जो आज तक नहीं दिया गया है। समर्थन मूल्य में उनके द्वारा ५०० रुपये नहीं बढ़ाया गया खाद का दाम एकदम दुगना कर दिया गया। जो पहले ११०० रूपये में हम खरीदते थे आज वह २४०० रूपये में मिल रही है। एक तरफ सरकार बोलती है कि १० घंटा बिजली देंगे यदि शहरी क्षेत्र को छोड़ दे तो ग्रामीण क्षेत्र में चार घंटे बिजली रहती है किसान आज कर्जदार होते जा रहा है। सरकार अपना फैसला नही बदलती है तो आगे और उग्र आंदोलन होगा इसमें सभी किसानों को सामने आना होगा।

भावांतर योजना से किसानों को होगा आर्थिक संकट -अरविंद चौधरी

अरविंद चौधरी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने भावांतर योजना निकाली है हमारा संगठन इसका विरोध करता है। यह किसानों को फ ंसने वाली योजना है क्योंकि इससे सीधा नुकसान है सरकार यह योजना वापस ले वादा अनुसार ३१०० रुपए प्रति क्विंटल में सोसायटी स्तर पर खरीदी करें। इस संबंध में हमने शासन को ज्ञापन भी दिया है किंतु कृषि विपणन में भावांतर का प्रचार करने के लिए एक पत्र मंडी को जारी कर दिया है इसका अभी किसान को कोई पता नहीं है। सरकार ने मंडी में खरीदी करने का मन बना लिया है बालाघाट जिले में १८५ सोसायटी आती है तो वही सात कृषि उपज मंडी और अन्य स्थान है जहां पर व्यवस्था जगह कर्मचारी नहीं है। ऐसे में किसान परेशान होगा इन्हें यथावत पूर्व की तरह खरीदी करना चाहिए परंतु यह किसान को व्यापारियों से लुटवा रहे हैं। आगे व्यापारियों का सिंडिकेट चलेगा किसान को भाव का अंतर मिलने के लिए अस्वस्थ कर औने पौने दामों में उपज खरीदी जाएगी। किसान को शासन क्या राशि देगी यह भी नहीं पता है अभी हमें जानकारी है कि एक मॉडल रेट निश्चित होगा एमएसपी २४४१ रुपए प्रति क्विंटल है, ऐसे में एक दिन में ६० प्रतिशत धान ३००० रूपये में बीका तो १८०० या २२०० रुपए में अपनी धान बेचने वाले अन्य किसानों को कोई भावांतर नह…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here