इंदौर में हत्याकांड : पति ने छह दिन पहले ही डायरी में लिख दी थी पत्नी की हत्या की कहानी

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इंदौर के झलारिया गांव में ड्राइवर सुनील चौहान ने सोमवार को पत्नी अनीता और 10 साल की बेटी माही की हत्या कर दी थी। इस दौरान बेटा बच निकला था। इंदौर। कनाड़िया के झलारिया गांव में पत्नी और बेटी की हत्या कर बेटे को तालाब में फेंकने वाले ड्राइवर सुनील चौहान के मामले में पुलिस को बड़ा सुराग हाथ लगा है। पुलिस को उसके घर से एक डायरी मिली है, जिसमें वारदात से करीब छह दिन पहले ही उसने पत्नी अनीता की हत्या की साजिश से जुड़े घटनाक्रम लिखना शुरू कर दिया था। डायरी के पांच पन्नों में पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद और पत्नी के कथित अवैध संबंधों का भी जिक्र है।

कनाड़िया पुलिस के मुताबिक, सुनील ने सोमवार को सब्जी में नमक ज्यादा होने की बात पर अनीता से विवाद किया और खेत में ले जाकर अनीता की हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी 10 वर्षीय बेटी माही और आठ वर्षीय बेटे अजय को तालाब में फेंक दिया। माही की डूबने से मौत हो गई, जबकि अजय झाड़ियों को पकड़कर बच गया।पुलिस ने सुनील चौहान को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान वह पुलिसकर्मियों से बार-बार कह रहा है कि “मैं भी आत्महत्या कर लूंगा।” इसके बाद लाकअप में उसकी 24 घंटे निगरानी की जा रही है। पुलिस डायरी में लिखी बातों और वारदात के बीच कड़ियां जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की साजिश कब और किस वजह से शुरू हुई।

एसीपी आशीष पटेल के मुताबिक, सुनील ने पूछताछ के दौरान आत्महत्या की मंशा जाहिर की तो उससे कड़ी पूछताछ की गई। तब उसने बताया कि घर में सुसाइड नोट रखा हुआ है। उसने सुसाइड नोट पाकेट डायरी पर बनाया था। डायरी के पांच पन्नों में उसने लिखा कि अनीता पिछले 12 साल से परेशान कर रही है।

वह धमकी देती है और बार-बार छोड़कर जाने की बात कहती है। लौहारदा (देवास) के युवक से उसके संबंध हैं। अनीता के भाई और घरवालों को भी इसके बारे में पता था, लेकिन वे भी उसका साथ देते हैं। पत्र में उसने मानसिक तनाव और आर्थिक तंगी का भी उल्लेख किया है। पुलिस ने डायरी को जांच में शामिल कर लिया है। बेटे अजय ने उसके विरुद्ध बयान दर्ज करवाकर पूरी घटना बताई है।

मायके से शुरू हुई तकरार

पूछताछ में सुनील बार-बार आत्महत्या करने की बात कहता है। उसने बताया कि वह छह दिन पहले ही अनीता को मारने का मन बना चुका था। उस वक्त उसने बच्चों को मारने के बारे में नहीं सोचा था। सोमवार रात विवाद हुआ तो उसने पूरा परिवार खत्म करने की ठान ली। उसने बताया कि अनीता मायके से कई दिनों तक नहीं आती थी। उसकी रिश्तेदार महिला ने ही गांव में रहने वाले युवक से संबंध की बात बताई थी।

अंतिम संस्कार को लेकर परिवारों में तकरार

अनीता के अंतिम संस्कार को लेकर भी बहस छिड़ गई। मायका और ससुराल पक्ष पीछे हट गया। पुलिस की समझाइश के बाद ससुराल वालों ने अंतिम संस्कार करवाया। अजय दादा-दादी के पास रहने चला गया है। अनीता और माही के शव का मंगलवार को एमवाय अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया था। शाम तक दोनों पक्ष शव लेने से इनकार करते रहे। समझाने में रात के आठ बज गए थे।

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